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सीता राम विवाह को शक्ति और ब्रह्म का मिलन- स्वामी महेशाश्रम महाराज

नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पंचम दिवस के दिन हुआ श्री सीताराम के विवाह के अवसर पर भगवान नागेश्वर का भव्य श्रृंगार

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। श्री नागेश्वर महादेव मंदिर दंडी स्वामी आश्रम अरेल प्रयागराज में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पंचम दिवस के दिन धनुष यज्ञ की कथा सुनाते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने बताया कि धनुष अभिमान का प्रतीक है एवं धनुष उठाने का प्रयत्न करने वाले सभी राजा अभिमानी थे अभिमान का खंडन अभिमान से नहीं हो सकता व्यक्ति में अभिमान आए तो उसे सतगुरु या परमात्मा के चरणों में विसर्जित होकर जीवन का कार्य संपादित करना चाहिए भगवान श्री राम ने धनुष उठाने से पहले सभा में उपस्थित सभी संत जनों को एवं भगवान शिव को प्रणाम कर धनुष का स्पर्श किया तो धनुष अपने आप ही उठ गया अगर समाज के लोग अभिमान से बचना चाहते हैं तो उन्हें भगवान राम के चरित्र का अनुसरण करना चाहिए तभी जीवन में सफलता प्राप्त हो सकती है महाराज श्री ने सीता राम विवाह को शक्ति और ब्रह्म का मिलन बताया विवाह का वर्णन करते हुए उपस्थि सभी भक्त भाव विभोर होकर नाचने पर मजबूर हो गए सभी भक्तों ने कथा में राम विवाह मना कर अपने जीवन को धन्य किया
कथा में उपस्थित , स्वामी रामाश्रम जी, डा चन्द्रेव जी महाराज, खाई बाबा , धनंजय स्वरुप ब्रह्मचारी, आचार्य ज्ञानेश्वर जी, आचार्य ज्ञानेश जी, लवलेश शास्त्री , दिनेश शुक्ला जी , शारदा मिश्र जी, सौरभ,जी प्रशांत जी, आदि सैकड़ों भक्तों ने कथा का आनंद लिया।

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