महंत नरेंद्र गिरि की मौत का समाचार सुन स्तब्ध रह गए लोग
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक महंत नरेंद्र गिरि मौत का समाचार सुनकर सहसा लोगों को यकीन ही नहीं हुआ हर कोई खबर से स्तब्ध था। लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि इतना बड़ा संत आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। जो जहां था वहीं से बाघम्बरी मठ की तरफ दौड़ पड़ा। देखते ही देखते मठ के बाहर हजारों की संख्या में महंत के चाहने वालों की भीड़ जमा हो गई। उल्लेखनीय है कि सुविख्यात बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक होने के नाते स्वामी नरेंद्र गिरि के चाहने वालों की तादात ही काफी अधिक थी। बड़ी संख्या में उनके शिष्य हैं जिन्होंने उनसे गुरु दीक्षा ले रखी है। उनके शिष्यों को गुरु के निधन से गहरा आघात पहुंचा है। उन्हें रत्तीभर भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि उनके गुरु इस तरह उन्हें छोड़कर चले जाएंगे।
*जनप्रतिनिधियों ने जताया दुख*
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। महंत नरेंद्र गिरि के असामयिक निधन से जहां उनके शिष्यों और आमजन में शोक है वही जिले के जनप्रतिनिधि भी दुखी हैं। महंत के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि स्वामी नरेंद्र गिरि का निधन बेहद दुखद है। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी जी के निधन की बात हजम नहीं हो रही। इस खबर को सुनकर स्तब्ध हूँ। वह बहुत ही सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति थे। नकारात्मक बातों को भी सकारात्मक रूप देने में उन्हें महारत हासिल थी।




