महंत नरेंद्र गिरि की मौत संत समाज के बड़ा धक्का: ऋतेश्वर

अयोध्या (अनुराग दर्शन समाचार ) अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर सद्गुरू ऋतेश्वर महाराज का बयान सामने आया हैं।
सनातन धर्म सत्ता से, पैसों से, धन से उत्तम नहीं हुआ है बल्कि ज्ञान से उत्तम हुआ
वृंदावन से अयोध्या पहुंचे सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने महंत नरेंद्र गिरि मौत पर कहा कि नरेंद्र गिरी की मौत में दो ही बात है हत्या या फिर आत्महत्या। अगर यह हत्या है तो इसमें उनके शिष्यों का नाम आएगा और अगर आत्महत्या है तो किसी चीज से पीड़ित होकर जैसा बताया जा रहा है की ब्लैक मेलिंग से पीड़ित होकर आत्महत्या कर ली। ऐसे में ये दोनों स्थितियों में संत समाज के लिए और भारत की सनातन संस्कृति के लिए एक बहुत बड़ा धक्का है। जो संत समाज राष्ट्र को मार्ग दिखाता है। तनाव से मुक्ति देता है और लोभ से ऊपर उठने की बात करता है। अगर उसी पीठ से ऐसी घटना हो तो निश्चय ही यह अत्यंत निंदनीय और दुखद है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म सत्ता से, पैसों से, धन से उत्तम नहीं हुआ है बल्कि ज्ञान से उत्तम हुआ है। लेकिन हमने सत्ता पैसे और समृद्धि को ही केवल जो धर्म समझ लिया है। धर्म वास्तव में आत्मिक उन्नति का नाम है। आनंद का नाम है और आत्मज्ञान का नाम है।और समाज को हमे यह बताना पड़ेगा आने वाली पीढ़ियों को यह बताना पड़ेगा नहीं तो जवाब देते देते थक जाएंगे क्योंकि धार्मिक पीठ पर यह जिम्मेदारी होती है। वह लोगों के तनाव को कम करें, और अगर कहीं यह आत्महत्या आ गई और लोगों ने पूछा धार्मिक पीठ शीर्ष गद्दी पर बैठकर संत आत्महत्या कर सकता है। तो फिर उसको किस बात का तनाव? इसकी व्याख्या होनी चाहिए।



