जय भीम पांच एकड़ से गुंजायमान होगा संविधान बचाओ चेतना रैली

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। जनपद प्रयागराज में आदिवासी समाज की दयनीय स्थिति से सभी राजनैतिक दलों सत्ता और विपक्षी पार्टियों के नेता ही नही जिले और प्रदेश के आला अफसर जानते है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बावजूद इनकी समस्याओं के प्रति तनिक भी संवेदनशीलता किसी भी दल व नॉकरशाहो ने नही दिखाई इसी का परिणाम है कि आज भी प्रयागराज के बारा और कोरांव विधानसभा सहित प्रदेश के आदिवासी समाज समग्र विकास की मुख्यधारा में नही आ सका। 26 नवम्बर को विकासखंड शंकरगढ़ में आयोजित संविधान बचाओं चेतना रैली के आयोजक वरिष्ठ समाजसेवी रामबृज गौतम की यह पहल शायद समाज में विकास की मुख्य धारा से वंचित आदिवासी समाज को कोई नई राह मिल सके। सही मायने में सबका साथ सबका विकास यदि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार चाहती है तो अंतिम पायदान पर खड़े आदिवासियों के लिए कोई ठोस नीति व कार्यक्रम बना कर कार्य करने की जरूरत है। बसपा मिशन-2022 के संस्थापक बसपा के पूर्व मण्डल सेक्टर प्रभारी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामबृज गौतम एक ओर जहां रैली को सफल बनाने के लिये गांव गांव में जन सम्पर्क कर रहे है वही दूसरी ओर यूपी के कोल को आदिवासी का दर्जा दिलाने तथा कोरांव और बारा विधानसभा को आदिवासियों के लिये सुरक्षित किये जाने के बाबत मध्य प्रदेश के समाजसेवी छोटू कोल, वीरेंद्र सिंह और आरती कोल, सते कोल, राजकुमारी, प्यारी बाई आदि रीवा जिले में भी गांव गांव तैयारियां कर रहे है।


