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फोन कराकर शिकायत वापस न लेने पर फंसा देने का दबाव और दे रहे है धमकियां

उत्तर मध्य रेलवे के कामर्शियल विभाग में मुख्यालय से लेकर स्टेशनों तक फैले भ्रष्टाचार की शिकायत करना शिकायतकर्ता को पड़ा भारी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। इन दिनों मोबाइल पर सीबीआई, सीवीसी और विजिलेंस की तरफ से धड़ाधड़ संदेश आ रहे हैं कि कहीं भ्रष्टाचार का संदेह हो तो शिकायत करें। दरअसल, विजिलेंस पखवाड़ा चल रहा है लेकिन उत्तर मध्य रेलवे के कामर्शियल विभाग में मुख्यालय से लेकर स्टेशनों तक फैले भ्रष्टाचार की शिकायत करना शिकायतकर्ता को भारी पड़ रहा है। विभागीय जांच में कदम दर कदम फंसे दिख रहे अफसर अब शिकायतकर्ता के उत्पीड़न में जुट गए हैं। शहर के कथित अधिवक्ताओं, खुदमुख्तार पत्रकारों और स्थानीय लोगों से प्रतिदिन फोन कराकर शिकायत वापस लेने और न लेने पर फंसा देने का दबाव और धमकियां दिलाई जा रही हैं। शिकायतकर्ता के घर तक आए दिन अफसरों और उनके कारिंदों की गाड़ियां पहुंच रही हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडलों में स्टेशनों पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाॅफ के जरिए भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा पिछले दिनों हुआ था। इसकी शिकायत वरिष्ठ पत्रकार संतोष उपाध्याय ने की थी। प्रारंभिक जांच में ही व्यापक पैमाने रोस्टर ड्यूटी में गड़बड़ी, ड्यूटी में फर्जीवाड़ा, एक किराना स्टोर के जरिए पैसे का लेनदेन आदि शिकायतें सही पाई गईं। शिकायत है कि प्रकरण की जांच की आंच सीसीएम स्तर के अफसर पर आई तो मंडलीय अफसरों ने घालमेल भी कर डाला। फिलहाल, जांच विभिन्न स्तरों पर है। साथ ही शिकायतकर्ता ने डीआरएम प्रयागराज को पत्र लिखकर जांच अधिकारी की जांच की भी जांच की जाए। शाहगंज थाने में दी गई शिकायत में संतोष उपाध्याय ने भ्रष्टाचार के आरोपियों से जानमाल का खतरा जताया है। उनका कहना है कि आरोपी शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए धमकियां दिला रहे हैं रिश्तेदारों के जरिए मानसिक उत्पीड़न कराया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में घर भी लोग पहुंचने लगे हैं। भ्रष्टाचारियों को बचाने की जुगत लगा रहे आरोपी सीसीएम ने अपने सहायक को भी घर भेजकर धमकी दिलाई। शिकायतकर्ता संतोष उपाध्याय पिछले दिनों उत्पीड़न से तंग आकर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के ओएसडी से भी मिल चुके हैं और भ्रष्टाचारी अफसरों पर जल्द कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
शिकायतकर्ता की पीड़ा है कि जांच में घालमेल किया जा रहा है। मुख्यालय में तैनात सीसीएम के दबाव में पूरी जांच प्रभावित की जा रही है। मंडलीय अफसर भी कह रहे हैं कि ऊपरी दबाव है।
संतोष का कहना है कि कार्रवाई न हुई तो उन पर खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए वह पूरे प्रकरण की जांच रेलवे के बाहर की एजेंसी से कराने की मांग को लेकर जल्द पीएमओ तक जाएंगे। रेलवे अफसर इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।

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