खानवादा ए रेसालत के रास्ते पर चल कर ही समाज मे फैली कूरीतियों को रोका जा सकता है- मौलाना सै०मेहर अब्बास रिज़वी

(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। पैग़म्बर ए इसलाम और अहलेबैत ए अतहार के बताए रास्ते से भटकाव और मज़हबे इसलाम मे जिन चीज़ो को ग़लत ठहराया गया आज मोआशरा उनही रास्तो पर चल कर जहाँ खुद ठोकर खा रहा है वहीं आने वाली पीढ़ी को एक ऐसे दलदल मे ढकेल रहा है जहाँ से निकलना मुश्किल होगा।कलकत्ता के मौलाना सै०मेहर अब्बास रिज़वी ने दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा अरब अली खाँ में स्व शहर बानो व स्व सईद अहसन मलिक के इसाल ए सवाब को आयोजित मजलिस ए तरहीम में मोआशरे को आज के हालात से आगाह करते हुए समाज मे फैली कूरीतियों से दूर रहने की अपील की कहा समाज लड़कियों के निकाह मे इस क़दर फिज़ूलखर्चि कर रहा है जिससे समाज के कमतर हैसियत के लोग अपने आप को कुण्ठाग्रस्त महसूस कर रहे हैं। हैसियतदार लोग अगर पैग़म्बरे इसलाम और अहलेबैत की ज़िन्दगी और फलसफे पर चलें तो समाज मे कोढ़ की तरहा फैली महंगी शादियाँ,भारी भरकम दहेज दिखावे और शोबाज़ी मे पैसों को हो रही बरबादी पर रोक लगने के साथ उन पैसों से ग़रीब व बेसहारा लड़कियों की शादियाँ हो जाएँ।जिसका अल्लाह और रसूल की निगाह मे बेहद सवाब है।मौलाना मेहर ने बच्चों की अच्छी तरबियत और लोगों के साथ हुसने सुलूक से पेश आने की भी नसीहत दी। मौलाना ने तीजे और चालिसवें मे भी दिखावे से गुरेज़ करने की अपील की कहा अपने मरहुमीन की मग़फिरत के लिए अगर लोग फिज़ुलखर्ची और महंगे तबरुख के बजाए उन पैसों से आर्थिक रुप से कमज़ोर लोगों के लिए शिक्षा और ग़रीब बच्चीयों की शादी मे उन पैसों को खर्च करें तो मरहुमीन को अल्लाह इसका सवाब देगा जिससे खर्च करने वाले की दूनिया व आखरत दोनो संवर जायगी।नजीब इलाहाबादी के संचालन मे हुई मजलिस ए तरहीम मे नज़र अब्बास खाँ साहब ने सोज़ख्वानी तो फैज़ मंझनपुरी ने पेशख्वानी के फराएज़ अन्जाम दिए।मजलिस में ताहिर मलिक,शौज़ेफ मलिक इफ्तेखार हुसैन जुली मलिक सज्जाद मलिक सै०मो०अस्करी जौन ज़ैदी,औन ज़ैदी मीसम अमन शुऐब,मो०ज़ैद आदि मौजूद रहे।




