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कैबिनेट बैठक:25 हजार मानदेय पर सरकारी योजनाओं का प्रचार करेंगे लोक कल्याण मित्र

इलाहाबाद। योगी कैबिनेट ने यूपी स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन प्रस्ताव को पास कर दिया है. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अब निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूले जा रहे मनमाने शुल्क पर औचित्यपूर्ण नियंत्रण किया जा सकेगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुईकैबिनेट बैठक में मंगलवार को 9 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई. इसमें एक अहम प्रस्ताव भी शामिल है. इसके तहत उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपनी योजनाओं के बेहतर प्रचार-प्रसार और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए लोक कल्याण मित्र की तैनाती करने जा रही है. प्रदेश के हर ब्लॉक में साल भर के लिए एक लोक कल्याण मित्र नियुक्त किया जाएगा, जिसे 25 हजार रुपए महीने मानदेय मिलेगा. यही नहीं ये तैनाती मुख्यमंत्री प्रदर्शन के आधार पर साल भर के लिए और बढ़ा भी सकते हैं.
यूपी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि यूपी कैबिनेट ने प्रदेश में सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर प्रचार-प्रसार व क्रियान्वयन के लिए हर विकास खंड में एक लोक कल्याण मित्र नियुक्त किया जाएगा. इंटर्नशिप योजना के तहत पूरे प्रदेश में 822 नियुक्तियां की जाएंगी. लोक कल्याण मित्रों को प्रतिमाह 25 हजार रुपए मानदेय मिलेगा.

ये तैनाती प्रदेश के सभी ब्लॉकों में होगी. प्रस्ताव के अनुसार 1 वर्ष के लिए लोक कल्याण मित्र की इंटर्नशिप के आधार पर तैनाती होगी. लोक कल्याण मित्र के लिए 21 से 40 वर्ष की आयुसीमा वाले स्नातक अभ्यर्थी पात्र होंगे. इनका चयन जिला स्तर पर लिखित परीक्षा से किया जाएगा.

सरकारी बंगलों पर अवैध कब्जेदारों को बेदखल करेगी सरकार

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य संपत्ति विभाग के आवासों में नियम विरुद्ध काबिज लोगों की बेदखली से जुड़ी नियमावली को मंजूरी दे दी है. इसके तहत राज्य संपत्ति विभाग अब सरकारी आवासों पर अवैध कब्जा कर रह रहे किसी भी व्यक्ति को बेदखल कर सकता है.
इसके तहत अब गैर सरकारी संगठनों, राजनैतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं, न्यासों, व्यवसाय संघो, कर्मचारी संगठनों, राजनैतिक दलों की इकाइयों आदि की बेदखली करने का रास्ता साफ हो गया है.

योगी सरकार ने यूपी के विधायकों की हवाई यात्रा की और सुलभ

योगी कैबिनेट ने यूपी के विधानमंडल सदस्यों की हवाई सुविधा और सुलभ करने के प्रस्ताव को पास कर दिया है. दरअसल यूपी के विधायकों को सालाना यात्रा का 4 लाख 25 हजार रुपए भत्ता दिया जाता है. विधायक अगर निजी एयरलाइंस से यात्रा करता है तो अनुमन्य भत्ते के अनुरूप उसकी प्रतिपूर्ति कर दी जाती है. लेकिन इंडियन एयरलाइंस से उसे यात्रा करने पर शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए एमसीक्यू की अनुमति लेनी होती थी. नए प्रस्ताव के अनुसार अब विधायक द्वारा एमसीक्यू की अनुमति नहीं लेनी होगी. वह निजी विमान सेवाओं की तरह इंडियन एयरलाइंस का भी लाभ ले सकेगा.

केजीएमयू में फिर होंगे प्रतिकुलपति, पीजीआई की तर्ज पर बढ़ेंगे कई पद

लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम-2002 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. अब विश्वविद्यालय में फिर से प्रति-कुलपति का पद सृजित होगा. एसजीपीजीआई की तर्ज पर असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के अलावा एडिशनल प्रोफेसर के पद भी सृजित किए जाएंगे.

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्यक्षेत्र में बढ़ोत्तरी से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. साथ ही यूनिवर्सिटी में प्रतिकुलपति के पद के सृजन से जुड़ा प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है. यहां एसजीपीजीआई की तर्ज पर एडिशनल प्रोफेसर के पद का भी सृजन होगा.  किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के बेहतर संचालन के लिए नर्सिंग और पैरामेडिकल की फैकल्टी नियुक्त की जाएगी. अब विश्वविद्यालय में मेडिकल और डेंटल सहित कुल 4 फैकल्टी होंगी.

यमुना एक्सप्रेस-वे और प्रस्तावित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की क्रॉसिंग (ग्राम जगनपुर-अफजलपुर के पास) पर इंटरचेंज के निर्माण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 36.95 हेक्टेयर भूमि एनएचएआई को निःशुल्क दिए जाने को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान की लैब का ध्वस्तीकरण प्रस्ताव पास हुआ है. इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, नए सरकारी कॉलेजों की स्थापना व सरकारी कॉलेजों के भवनों के निर्माण, विस्तार व विद्युतीकरण के लिए 1035.523 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृतियों को का अनुमोदन कर दिया गया है.

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने को कानून बनाएगी सरकार

इसके अलावा योगी कैबिनेट ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए यूपी स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनियमन प्रस्ताव को पास कर दिया है. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अब निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूले जा रहे मनमाने शुल्क पर औचित्यपूर्ण नियंत्रण किया जा सकेगा. अब उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश, 2018 की जगह आगामी विधानमंडल सत्र में उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक-2018 लाया जाएगा.

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