मकर संक्रांति पर किन्नर अखाड़े की महामण्डलेश्वर ने गरीब महिलाओं को किए वस्त्र वितरित

दरिद्र नारायण की सेवा ईश्वरीय सेवा है-महाण्डलेश्वर पूजानंद सरस्वती
( अनुराग शुक्ला )
हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पूजानंद सरस्वती ने मकर संक्रांति के अवसर पर भूपतवाला क्षेत्र स्थित स्वामी सर्वानंद घाट पर निर्धन व असहाय महिलाओं को वस्त्र दान किया। पूजानंद सरस्वती ने कहा कि दरिद्र नारायण की सेवा ईश्वरीय सेवा है। इसी महिला शक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा अपने कर्मों के आधार पर व्यक्ति का जीवन मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए व्यक्ति को सदैव सत्कर्म करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। पूजानंद सरस्वती ने कहा कि व्यक्ति के कर्म व्यक्ति के साथ रहते हैं। कर्मों के आधार पर ही व्यक्ति का लोक परलोक तय होता है। जिन लोगों को ईश्वर ने संपन्न बनाकर भेजा है। उन्हें अपने से कमजोर लोगों की सहायता के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। ऐसे लोगों की मदद के लिए स्वयं आते हैं। मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में मनाए जाने वाले विभिन्न पर्वो का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति पर्व जीवन में पूर्णता लाता है तथा दान पुण्य व दूसरों की मदद की प्रेरणा देता है। मकर संक्रांति का विशेष पौराणिक महत्व भी है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था। मकर संक्रांति स्नान जन्म जन्मांतर के पापों से भी निवृत्ति प्रदान करता है। सभी को ज्योतिषीय रूप से विशेष महत्वपूर्ण मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान के साथ गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने का संकल्प भी लेना चाहिए।


