गोहरी हत्याकांड की सीबीआई जांच करा के प्रदेश सरकार दोषियों को सजा दिलाए – अजीत भाष्कर

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में गोहरी, फाफामऊ हत्याकांड के खिलाफ जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सर्वप्रथम एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सभी सदस्य एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजीत भाष्कर के नेतृत्व में डॉ0 भीमराव अंबेडकर मूर्ति हाईकोर्ट पर एकत्रित हुए और वहां से नारा लगाते हुए गोहरी हत्याकांड पर प्रदेश सरकार जवाब दो, अपराधियों को संरक्षण देना बंद करो, गरीबों पर अन्याय अत्याचार बंद करो, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद आदि के नारे लगाते हुए मूर्ति स्थल से पैदल मार्च करते हुए सिविल लाइंस पत्थर गिरजा धरना स्थल पर पहुंच कर धरना देकर ज्ञापन दिया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत भाष्कर ने कहा कि लगातार पूरे प्रदेश में अपराध बढ़ता जा रहा है साथ ही प्रयागराज में लगातार अनुसूचित जाति के लोगों की हत्याएं हो रही हैं। इस संगठित और भेदभावकारी अपराध को रोकने में प्रदेश सरकार विफल रही है जिससे लगातार अन्याय अत्याचार बढ़ता जा रहा है। गरीब व अनुसूचित जाति के लोगों पर जब भी मारपीट या जघन्य अपराध होता हैं तो पुलिस उनकी सुनवाई समय पर ना करके लीपा-पोती में लग जाती है। जिससे मानबढ़ लगातार हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे रहे हैं। चुनाव से पहले भाजपा व योगी सरकार ने कहा था कि हम उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त कर उत्तम प्रदेश बनाएंगे परंतु आज पूरा उत्तर प्रदेश अपराध प्रदेश बन गया है। आगे उन्होंनें कहा कि गोहरी फाफामऊ में जिस तरीके से गरीब अनुसूचित जाति के दंपत्ति, उसकी बेटी व विकलांग बेटे की हत्या की गई है और पुलिस द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई से लोगों में असंतोष व्याप्त है। जिससे सरकार को अब इस घटना की सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच करा के वास्तविक अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जिससे प्रदेश के अंदर बेहतर संदेश जाए, मनबढ़ व संगठित अपराध नियंत्रित हो और प्रदेश की जनता में खुशहाली आ सके।
एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के इस जुलूस प्रदर्शन और धरना में अध्यक्ष अजीत भाष्कर के साथ मुख्य रूप से एसोसिएशन के चंद्र प्रकाश निगम, प्रतिभा बोहरा, सुधा यादव, रंजना गौड़, सुमन शर्मा, बालमुकुंद कुशवाहा, रमेश कुमार, सुनील कुमार यादव, अनिल कुमार यादव शिवशंकर कैथल, अरविंद कुमार प्रजापति, मनोज यादव, सईद अहमद, प्रमोद गुप्ता, शमीम उद्दीन व काफी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।



