प्रेम, सेवाभाव, भाईचारा और क्षमा का संदेश लेकर प्रभु यीशु का हुआ जन्म

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। संसार का अंधकार दूर करने, प्रेम, शांति, सेवाभाव, भाईचारा और क्षमा का संदेश लेकर प्रभु यीशु का जन्म हुआ।

शुक्रवार की रात 12 बजते ही गिरजाघरों में लगी ऐतिहासिक बेल (घंटे) बज उहीं। विशेष प्रार्थनाओं के बीच ये प्रभु यीशु के आने का संदेश देती रहीं। परमेश्वर यीशु मसीह के आगमन की खुशियों के साथ अगाध आस्था और श्रद्धा में सभी के शीश झुके। गिरजाघरों में खास बनी चरनी, गोशालाओं में प्रभु के जन्म की रस्में पूरी की गईं। यीशु के उपदेश वाले गीत देररात तक चर्चों और घरों में गूंजते रहे। यीशु के जन्म की खुशियों में कहीं आतिशबाजी तो कहीं विशेष प्रार्थनाएं होती रहीं। सितारों से सजे चर्चों और घरों में कैरल्स के जरिए स्वागत, सत्कार किया गया। जन्मोत्सव के साथ ही उल्लास, उमंग, खुशी से भरी आराधनाएं होती रहीं। चर्चों में मिड नाइट सर्विस, बार्न फायर, मिडनाइट वर्शिप सर्विस हुई। पादरियों ने बाइबिल की पंक्तियां पढ़ी। प्रभु यीशु का संदेश देकर दुनिया में प्रेम, शांति, सेवाभाव, दीन-हीन की मदद के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। एंजल, सेंटा क्लॉज बने बच्चों ने प्रभु के आगमन पर खुशियों के गीत गाए। कई चर्चों में प्रभु की झांकियां सजाकर बच्चों ने कैरल्स गाए। चर्चों में सेंटा क्लाज बनकर पहुंचे लोगों ने उपहार भेंट किए। सेंट जोसेफ कैथेड्रल के फादर हेराल्ड टाउरो ने प्रेम, शांति और सेवा का संदेश पढ़ने के बाद बच्चों और बड़ों को उपहार दिए। ऑल सेंट कैथेड्रल में बिशप डॉ. पीटर बलदेव ने विशेष प्रार्थना कराई। सेंट पीटर्स चर्च म्योराबाद में पादरी प्रवीण मैसी ने प्रार्थना कराई। लाल गिरजाघर, जमुना चर्च, काटजू रोड, चौक चर्च समेत शहर के सभी चर्चों में प्रभु के जन्म पर विशेष प्रार्थनाएं हुईं।


