कृषि कानूनों को फिर ले आने का मंत्री का बयान किसानों के साथ धोखा एवं विश्वासघात-प्रमोद तिवारी

प्रतापगढ ( अनुराग दर्शन समाचार ) । केन्द्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने काले कृषि कानून की वापसी के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पुनः इन कानूनों को वापस लाए जाने के ताजा बयान की तीखी आलोचना की है। तिवारी ने कहा है कि एक तरफ तो इन काले कृषि कानूनों को वापस लेते हुए अन्नदाता किसान के साथ सम्पूर्ण देश से माफी मांगी। वहीं श्री तिवारी ने महाराष्ट्र के नागपुर में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा दिए गए बयान की कुछ लोगों के विरोध के कारण कृषि कानून वापस लेना पड़ा है। बकौल प्रमोद तिवारी कृषि मंत्री ने यह कहकर कि हम एक कदम पीछे हटे है लेकिन निराश नहीं है। इसे दोबारा फिर लाएंगे। तिवारी ने कृषि मंत्री के बयान को भाजपा की देश के किसान भगवान के प्रति बदनीयती तथा धोखा एवं विश्वासघात ठहराया है। तिवारी ने कृषि मंत्री के इस बयान को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि इससे अब पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि मोदी सरकार ने जो तीन काले कृषि कानून बनाये थे वह किसानों के हित के लिए नहीं बल्कि अडानी जैसे पूंजी पतियों की तिजोरी भरने के लिए बनाये थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इन काले कृषि कानूनों के जरिए देश में नई जमीदारी प्रथा कायम करने के लिए किसान विरोधी सुनियोजित कदम उठाया था।रविवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी बयान में प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार की विफलता से मंहगायी देश भर में आसमान छू रही है। उन्होंने मोदी सरकार पर मंहगायी थोपने के साथ बड़े सरकारी संस्थानों की बिक्री तथा रोजगार के क्षेत्र में भी जनता के साथ छलावा करार दिया है।




