प्रिया पाल के भोजपुरी गीतों संग बॉलीवुड डांस की छटा बिखरी

यूपी महोत्सव की अन्तिम समापन सन्ध्या आज
( अनुराग शुक्ला ) लखनऊ (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के तत्वावधान में सेक्टर ओ पोस्टल ग्राउंड अलीगंज लखनऊ में चल रहा 14वां यूपी महोत्सव, अपने परवान पर चढ़कर अब विदाई बेला की ओर अग्रसर हो चुका है, इसी श्रृंखला मे यूपी महोत्सव की 19वीं सांस्कृतिक सन्ध्या में प्रिया पाल के भोजपुरी गीतों संग बॉलीवुड डांस की मनोरम छटा बिखरी। विदाई की ओर बढ़ चले यूपी महोत्सव की 19वीं सांस्कृतिक संध्या का उदघाटन प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और उपाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर सिंह, पवन कुमार पाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कोविड प्रोटोकाल के अन्तर्गत आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित यूपी महोत्सव की 19वीं सांस्कृतिक सन्ध्या का शुभारम्भ ख्यातिलब्ध भोजपुरी गायिका प्रिया पाल ने अपनी सुमधुर आवाज में हनुमान जी के भजन हनुमान गगरिया भर लाओ मै जल भरने को जाऊंगी से कर श्रोताओं को हनुमान जी की शक्ती से अवगत कराया। भक्ति भावना से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के उपरान्त प्रिया पाल ने अपनी खनकती हुई आवाज मे भोजपुरी गीत भर लाई गगरिया मै राम रस की, फेके देहले थरिया बलम गईले झरिया, अंगुलि में डस ले पिया नगिनिया रे दियना जराय दा को सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसी क्रम में में प्रिया पाल ने अपनी पुरकशिश आवाज में दिनवा से सुदिनवा भुलाय के गवनवा लई जा राजा जी, सैया मत जा और मोरा बलमा अइले नैनीताल से जैसे अन्य भोजपुरी गीतों को सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता। मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त यूपी महोत्सव मे बॉलीवुड सूफी गीतों की सरिता प्रवाहित हुई, जिसके क्रम में सूफी गायक कुमार सनी ने अपनी खनकती हुई आवाज मे दिल का दरिया बह गया सूफी गीत से अपने कार्यक्रम की शुरुवात कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। इसी क्रम में कुमार सनी ने सैयो नी, बुलेयो, मेरे महबूब कयामत होगी, ये काली काली आंखे, चुप माही चुप है राँझा जैसे अन्य सूफी गीतों को सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता। संगीत से सजे कार्यकम के अगले सोपान मे एस के पिन्टू के नृत्य निर्देशन में अंकिता, एंजल, अनुराग, आर्यन, आयुष, कृष्णा, हिमांशी, हिमान्शु, प्रदीपिका और प्रशांत ने बॉलीवुड गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शको की असंख्य तालियां बटोरीं। इसी क्रम में अलीशा, सुभाषिनी और आंचल ने खो गये हम कहां गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया।



