प्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक सर्जन स्व० डॉ० ए०के० बंसल को दी गयी भावभीनी श्रद्धांजलि

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज प्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक सर्जन स्व० डॉ० ए०के० बंसल व संस्थापक जीवन ज्योति हॉस्पिटल को उनकी पांचवी पुण्यतिथि पर बुधवार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी । कोरोना नियमों का पालन करते हुए जीवन ज्योति अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने स्थान पर रहते हुए जहां एक ओर डॉ० ए०के० बंसल के साथ बीते हुए अपने अच्छे अनुभवों को साझा किया वहीं दूसरी ओर उन्होंने डॉ० वन्दना बंसल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल की निदेशक व प्रसिद्ध आई वी एफ विशेषज्ञ व डॉ० अर्पित बंसल एडवांस्ड लेप्रोस्कोपी व कैंसर सर्जन की अत्यधिक प्रशंसा करते हुए कहा कि कैसे यह लोग डॉ० ए०के० बंसल के सपनों को आगे बढाने में प्रयासरत हैं और उनके कार्यों को पूर्ण करने में लगे हुए हैं। डॉ० अलोक खरे, डॉ आर के शर्मा, डॉ अजय गोपाल, डॉ विशाल श्रीवास्तव‚ डॉ० अन्जुला सहाय ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि देते हुए डॉ० वन्दना बंसल ने कहा कि डॉ० ए०के० बंसल जीवन ज्योति हॉस्पिटल की आत्मा हैं। वह अभी भी हमारे साथ हैं। डॉ० बंसल अभी भी हमको प्रेरित कर रहे हैं कि हम इस अस्पताल को एक नई उचाई पर ले जायें। सभी ने कुछ सीखा है डॉ बंसल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताये हुए मार्ग पर निरन्तर चलें सभी ने डॉ बंसल से कुछ न कुछ सीखा है उनको अच्छी श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके सिखाए हुए मार्ग पर चलें व जीवन ज्योति हॉस्पिटल को एक नयी उंचाईं पर ले जाएँ। क्यूंकि जब तक जीवन ज्योति हॉस्पिटल रहेगा तब तक तक डॉ० बंसल की आत्मा अमर रहेगी। डॉ बंसल सिर्फ मेरे पति ही नहीं थे वह मेरे गुरु व मार्गदर्शक भी थे । उन्होने सदा मुझे एक बेह्तरीन डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। उनको अपनी सभी इन्द्रियों पर नियंत्रण था। ऐसा सिर्फ महापुरषों में ही देखा जाता है। उनकी नींद खान पान सब उनके वश में था वह कहते थे की हमको किसी भी आदत का गुलाम नहीं होना चाहिए।
डॉ अर्पित बंसल ने कहा की जीवन ज्योति हॉस्पिटल एक परिवार की तरह है . इसलिए सभी को मिलकर साथ काम करना है व डॉ बंसल के सपनों को आगे बढ़ाना है।डॉ अलोक खरे ने कहा की उन्होने डॉ० ए०के० बंसल के साथ बहुत काम किया है। आज ऐसा लगता है की जैसे वो हमको प्रेरित कर रहें है। डॉ० अजय गोपाल ने बताया कि कैसे जब मरीज़ बड़े शहरों में इलाज के लिए जाते थे तो वहां के डॉक्टर उनको अपने ही शहर प्रयागराज में डॉ० ए०के० बंसल से परामर्श लेने की सलाह देते थे। क्योंकि वह जानते थे डॉ ए०के० बंसल सिर्फ प्रयागराज के ही नहीं बल्कि पूरे देश के बहुत ही ख्यातिप्राप्त चिकित्सक हैं।
डॉ० आर०के० शर्मा ने कहा कि डॉ० ए०के० बंसल से हर क्षण कुछ न कुछ सीखने को मिलता रहता था‚ वह निरन्तर कार्य में लगे रहते थे। वह आज भी सबके दिलों में रहते हैं। डॉ० विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ० ए०के० बंसल एक सर्वप्रिय व सर्वमित्र डॉक्टर थे। जो हमेशा गरीबों की मदद करने हेतु तत्पर रहते थे वो हमारे अभिभावक थे। डॉ० अन्जुला सहाय ने कहा कि डॉ० ए०के० बंसल ने हमको कठिन समय में भी कैसे मुस्कुराते हुए काम करना है यह सिखाया है।




