आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक विचार एवं दृष्टि आवश्यक: कुलपति

मुविवि में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। जिस तरह स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्र का गौरव बढ़ाया, उसी तरह हम सब को मिलकर इस विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाना है। अभी हमारा यह विश्वविद्यालय युवा है और यहां के कर्मचारी भी युवा हैं। इसके लिए सभी को अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक विचार एवं दृष्टि बहुत आवश्यक है।
उक्त विचार उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने बुधवार को स्वामी विवेकानंद जयंती के पर राष्ट्रीय युवा दिवस में व्यक्त किया। परीक्षा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में कुलपति ने युवा कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने महिलाओं की शिक्षा पर बहुत जोर दिया। उनका मानना था कि महिलाओं को शिक्षित नहीं करेंगे तो देश का उन्नयन नहीं हो सकता। स्वामी विवेकानंद चाहते थे कि महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें शिक्षित किया जाए। वह एक मनीषी तथा महापुरुष थे। उनके विचारों को हमें जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। परीक्षा नियंत्रक देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विचारों की श्रृंखला चलती रहती है। हमें अच्छे विचार लोगों से साझा करने चाहिए। विचारों की शुद्धता होगी तो मन मस्तिष्क भी शुद्ध होगा। विचारों की शक्ति की अवधारणा को समझने की आवश्यकता है। सद्भाव की संस्कृति को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद से यही प्रेरणा मिलती है कि हमें लक्ष्य प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए लक्ष्य बड़ा होना चाहिए। उन्होंने यह संकल्प लिया कि वह विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए अथक प्रयास करेंगे। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ प्रभात मिश्र ने बताया कि समारोह का संचालन श्रीमती पूर्णिमा भट्टाचार्य तथा धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सीमा सिंह ने किया। इस अवसर पर परमानंद उपाध्याय एवं अभिमन्यु कुमार ने स्वरचित काव्य पाठ किया। परीक्षा विभाग में आयोजित इस समारोह में कोविड प्रोटोकॉल के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।


