कल्पवासी एवं संतों को अपने जीवन के बुराईयों को त्याग कर नियमों का पालन करते हुए प्रयागवास करना चाहिए- शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। 2022 के उतरायण में प्रवेश करने वाले भगवान सूर्य सम्पूर्ण जनमानस को कोरोनारुप महामारी से मुक्ति दिलाए एवं सम्पूर्ण जनमानस के भाग्य को उधईत करें, इन्ही शुभकामनाओं के साथ कल्पवास करते हुए। अखिल भारतीय दंण्डी संन्यासी परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मद् जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने बताया की ब्रह्मांड के सभी तीर्थ एवं 33 कोटि देवता सहित प्रत्येक मुक्त आत्माएं तीर्थराज प्रयाग में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर इस पवित्र प्रयाग भूमि को संपूर्ण पवित्रता प्रदान करते हुए ,जन मानस का कल्याण करतें हैं कल्पवास में आए हुए, सभी कल्पवासी एवं संतों को अपने जीवन के बुराईयों को त्याग कर नियमों का पालन करते हुए प्रयागवास करना चाहिए, तभी कल्पवास का पूर्णतः फल प्राप्त हो सकता है, सभी कल्पवासी सरकार के द्वारा बनाए हुए कोरोना का गाइडलाइंस का पालन करें,। जिससे आपके द्वारा किसी भी प्रकार का बिमारी उत्पन्न ना हो,और आपका भी कल्पवास संचित समाप्त हों , हरिश्चंद्र मार्ग दण्डी स्वामी नगर में स्थापित श्री नागेश्वर धाम अन्नक्षेत्र में, सभी संत एवं भक्तों के लिए, भण्डारा प्रारंभ हो गया है।




