युवा मंच संयोजक राजेश सचान को नहीं मिली जमानत भेज दिया गया नैनी जेल

युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर विना शर्त रिहा करने की बात कही
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। युवा मंच संयोजक राजेश सचान की कल प्रयागराज में हुई गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग के सम्बन्ध में युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। भेजे पत्र में कहा गया है कि युवा मंच संयोजक राजेश सचान के बारे में एसएसपी प्रयागराज द्वारा ट्वीटर पर दिया हुआ बयान पूरी तौर भ्रामक और आपत्तिजनक है। जिसमें कहा गया है कि राजेश सचान ने आंदोलन को भड़काया और आंदोलन फण्डेड है आदि। जबकि सच्चाई यह है कि युवा मंच प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश में युवाओं का लोकप्रिय संगठन है। विगत 4 माह तक प्रदेश में रिक्त 5 लाख खाली पदों को भरने और गरिमामयी रोजगार के लिए प्रयागराज में युवा मंच के बैनर तले शांतिपूर्ण धरना चलाया गया था। लखनऊ में भी विभिन्न युवा संगठनों के साथ मिलकर ईको गार्डन में रोजगार के सवाल पर धरना दिया गया था। पत्र में कहा गया कि राजेश सचान मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग के छात्र रहे है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए किया है। इस समय वह युवा मंच के संयोजक है। युवा मंच ने किसान आंदोलन को सक्रिय समर्थन किया। न यह संगठन किसी एनजीओ से सम्बद्ध है और न ही कही से फंडेड है। जिस गूगल मीट का जिक्र किया गया है उस में ऐसी कोई बात नहीं है जो छात्रों को उकसाती हो। इसलिए एसएसपी प्रयागराज की बयानबाजी छात्रों पर अपनी बर्बर दमन की कार्यवाही पर पर्दा डालने के लिए है और राजेश सचान पर जितनी भी धाराएं लगाई गई है वह सब फर्जी और मनगढ़त है। पत्र में अनुरोध किया गया कि राजेश सचान पर 120 बी समेत सभी धाराओं में लादे मुकदमें को तत्काल वापस लेकर उन्हें बिना शर्त रिहा किया जाए। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि राजेश सचान को रिहाई नहीं मिली भेज दिया गया नैनी जेल उन्होंने ने बघाडा के लाजो में घुसकर दमनात्मक कार्रवाई की निन्दा करते हुए कहा कि आखिर सरकार की मनसा क्या है यह देश प्रदेश के लोक तंत्र पर कुठारा घात नहीं तो और क्या है?




