Latest

एशिया द्धीप का दूसरा सबसे बड़े जलनिगम कहे जाने वाले की हालत बद् से बद्तर

नारीबारी जलनिगम मे ४ दिनो से सप्लाई ठप्प,नागरिक बूंद बूंद पानी को रहे भटक

जेई व अधिकारी नही उठाते फोन, जलनिगम भी कभी नही आते अधिकारी और जेई

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । नारीबारी स्थित एशिया द्धीप का दूसरा सबसे बडा जलनिगम कहे जाने वाले की हालत अपने कर्मचारियों के लापरवाही और शासन प्रशासन के अनदेखी से पंगू बन कर रह गई है। यह जलनिगम कभी नारीबारी, शंकरगढ़,जारी क्षेत्र के ३६० गांवों से ज्यादा तक अपनी शुद्ध जल की सप्लाई देकर नागरिकों की प्यास बुझाता था। जल निगम का ऐसा हर-भरा महमहाता गेस्ट हाउस प्रयागराज की छटा को कम कर देता था। लेकिन इस जल निगम की दुर्दशा ऐसी हो गई है की दो-चार गांवों के नागरिकों की प्यास बुझाने में भी नाकाम हो गया है। इस भारी गर्मी मे चार दिनो से सप्लाई ठप्प है। कोई कारण बताने वाले कर्मचारी अधिकारी फोन नही उठाते, उपभोक्ताओं ने कई गम्भीर आरोप कर्मचारियों पर लगाऐ है। कोरोना वैश्विक महामारी मे भी क्षेत्रीय लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे है। कुछ चल रहे नलो पर आम जनता भीड़ लगाने को मजबूर है। अब इस जल निगम के गेस्ट हाउस की हालत इतनी जर्जर और दयनीय हो गई है कि सांप बिच्छू जहरीले नागों का आश्रय बन खंडहर और काटेदार झाड़ियों मे तब्दील हो गया है। इसमे प्रशासन के साथ-साथ विगत और वर्तमान सरकारों और जनप्रतिनिधियों की भारी अनदेखी भी है। वर्तमान सांसद प्रो.रीता बहुगुणा जोशी के स्व.पिता हेमवती नन्दन बहुगुणा तत्कालिक संचार मंत्री भारत सरकार के कर कमलों द्वारा २९ नवम्बर १९७१ को जारी एवं शंकरगढ़ जल सम्पूर्ती योजना को स्थापित कराया गया था। जिसके बारे मे सांसद प्रयागराज प्रो.रीता बहुगुणा जोशी, विधायक बारा डां अजय कुमार व सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी ने लिखित पत्र देकर जलनिगम के पुनरोउद्धार की मांग की थी किन्तु आज तक इस ओर जन प्रतिनिधि गम्भीर नही हुए। कुछ दिन पहले सांसद प्रयागराज ने नारीबारी से शंकरगढ़ तक लाखों रूपए से नई पाईप लाईन विछाने के कार्य का शुभारंभ किया था। वह भी आधे-अधूरे मे लटका पडा है। क्षेत्रीय उपभोक्ता रामेश्वरी देवी अच्छेलाल केसरवानी,प्रकाश चन्द्र चतुर्वेदी, दिनेश यादव,लल्ला सिंह आदि उपभोक्ताओं ने जल निगम को पूर्व की भांति जीर्णोद्धार कराने व तत्कालिक जल सप्लाई चालू कराने का अनूरोध किया है।

Related Articles

Back to top button