षष्ठम पाटोत्सव पर फूलबंगलें में विराजे ठा. श्रीप्रियाकान्तजू

मंदिर आध्यात्म के केन्द्र, भक्तों की भावना से पत्थर में प्रकट होते हैं भगवानः देवकीनंदन महाराज
(अनुराग शुक्ला ) मथुरा ( अनुराग दर्शन समाचार ) । ठा. श्रीप्रियाकान्तजू मंदिर का षष्ठम पाटोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर गर्भगृह में सुगन्धित पुष्पों से बने फूलबंगले में ठाकुर जी के अद्भुद दर्शन कर भक्त आनंदित होते रहे। भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने विग्रह अभिषेक कर रत्नजडि़त सुन्दर पौशाक धारण करायी। भक्तों ने प्रियाकान्तजू का भावपूर्ण पूजन अर्चन कर मीठे भजनों से मनुहार की। प्रातः ठाकुर जी के श्रृंगार दर्शन के पश्चात आरती हुई। देर सांय सम्पूर्ण मंदिर परिसर को दीपकों से सजाया गया। षष्ठम पाटोत्सव महोत्सव में आशीर्वचन कहते हुये भागवत पीठाधीश्वर पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने कहा कि भगवान की लीलाओं के दर्शन और श्रवण से भक्तों के जीवन में नित्य उत्सव का आनंद बरसता है। भगवान को भक्तों के अधीन बताते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि भक्त अपनी सच्ची भावना और आस्था से पत्थर की मूरत को भगवान बनने पर विवश कर देते हैं। पाटोत्सव भक्तों की इसी भावना को और प्रगाढ़ करता है । उन्होने कहा कि मंदिर आध्यात्म के केन्द्र हैं। जब भक्ति को संत्संग का आश्रय मिल जाता है तब ठाकुरजी के विग्रहों में भगवान के साक्षात दर्शन होने लगते हैं। भागवत वक्ता नेत्रपालजी महाराज ने भक्तों को आशीर्वचन प्रदान किये। मंदिर परिसर में उपस्थित भक्तों ने बधाई गाते हुये पाटोत्सव पर खुशियाँ मनायीं। इस दौरान राधे राधे के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा। भक्तों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा, श्रीपाल जिंदल, रवि रावत, मंदिर सेवायत दिनेश शर्मा, गजेन्द्र सिंह, रवि रावत, सतीश गर्ग, ब्रजलाल सोनी, अशोक गुप्ता, शेराराम भादू आदि शामिल हुये ।




