मौनी अमावस्या पर भक्तों ने लगाई गोरखगिरि धाम की परिक्रमा

पांच किमी की दूरी तय कर संपन्न हुई परिक्रमा
महोबा ( अनुराग दर्शन समाचार ) । मौनी अमावस्या पर आज भक्तों ने गुरू गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि धाम की परिक्रमा लगाई एवं सबके बेहतर स्वास्थ्य एवं तरक्की के लिए गोरखेश्वर महादेव से प्रार्थना की। परिक्रमा सुबह 6 बजे 8वें चंदेल नरेश धंग द्वारा 10वीं शताब्दी में निर्मित शिवतांडव मंदिर से प्रारंभ हुई और प्रभु श्रीराम व गुरू गोरखनाथ के जयकारों के साथ 5 किलोमीटर की दूरी तय कर वापस वहीं संपन्न हुई। परिक्रमा समिति के प्रमुख डा. एलसी अनुरागी व बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि माघ मास की अमावस्या को ही मौनी अमावस्या कहते हैं और आज गोरखगिरि धाम की परिक्रमा लगाना उतना ही फलदायी है जितना चित्रकूट व प्रयागराज तीर्थ जाकर नदियों में डुबकी लगाना। प्रभु श्रीराम के आगमन की गवाही देते गोरखगिरि के ऊपर गोरखेश्वर महादेव, सिद्ध बाबा, संकटा माता, बाबा नागराज, बड़ी चंडिका देवी मौजूद हैं तो पर्वत के चारों ओर पठवा के बाल हनुमान, महावीरन, कबीर आश्रम, सकरे सन्या माता, भूतनाथ आश्रम, काली माता, शनिदेव, खो खो माता, राधा कृष्ण, छोटी चंडिका मैया, नागौरिया, सुनरा सुनरिया व काल भैरव जैसे हजारों वर्ष पुराने दर्जनों मंदिर हैं जिनसे होते हुए परिक्रमा शिवतांडव पर समाप्त हुई। इस मौके पर हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संगठन मंत्री राजेश पांडेय, गोरखगिरि परिषद के अध्यक्ष गया प्रसाद, अवधेश गुप्ता, दिनेश खरे, प्रहलाद पुरवार, राम किशन सेन, अवधेश तिवारी व पंकज चैरसिया समेत तमाम लोग मौजूद रहे।




