दुष्ट दया का नहीं दण्ड का पात्र होता है- स्वामी महेशाश्रम जी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेला में श्री दण्डी स्वामी नगर हरिश्चंद्र मार्ग नागेश्वर धाम अन्नक्षेत्र पन्डाल में भक्तों को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने बताया कि सृष्टि के प्रथम कल्प से ही अन्यकों धर्म द्रोही प्रवृत्ति के दानव दैत्य राक्षस कहें जाने वाले धर्म विरोधीयों ने सनातन धर्म पर कुठाराघात करने का कार्य किया है। ऐसे विरोधी कुचक्र को समाप्त करने के लिए देश के महान तपस्वी ऋषि मुनि संन्यासियों ने ऐसे दुष्टों का पुरजोर विरोध किया परमपिता परमात्मा को भी अनेकों रुपों में अवतार लेकर इन दुष्टों का संघार करना पड़ा वर्तमान समय में जेहाद अलगाव वाद आदि अनेकों क्रियावों से सनातन धर्म अवल्मबी हिन्दू जाति पर अनेकों प्रकार से अत्याचार हो रहें हैं ऐसे देश द्रोहियों का दमन करने के लिए सभी संत महात्माओं को सम्प्रदाय वाद एवं पंथ वाद से उपर उठकर मुकाबला करने का प्रयत्न करना चाहिए एवं समस्त हिन्दू जाति को संगठित करने का प्रयत्न करना चाहिए और वर्तमान के समय में देश रक्षा एवं धर्म रक्षा में जुटी हुई वर्तमान सरकार का हाथ मजबूत करने का प्रयत्न करना चाहिए तभी हमारा देश विश्वगुरु बन सकता है और रामराज्य का स्थापना हो सकता है।



