21 करोड विकास निधि बनी’ पैगांव प्रधान की हत्या की वजह

प्रधानी के चुनाव में दूसरे नम्बर पर रहे प्रत्याशी ने कराई शूटर्स से हत्या
ग्रांट से मिले सात करोड़ 80 लाख की धनराशि के 106 कामों का हो चुका है शिलान्यास
मथुरा (अनुराग दर्शन समाचार )। परफाॅर्मेंस ग्रांट के 21 करोड रूपये ग्राम पंचायत पैगांव के प्रधान रामवीर सिंह की हत्या की वजह बनी। ग्राम पंचायत चुनावों में पैगांव का प्रधान बनने की होड में दूसरे नम्बर पर रहे हारे हुए प्रत्याशी अमोल पहलवान ने हत्या की इस पूरी कहानी का तानाबाना बुना। पैसे पर शूटर बुलाए गए और पैगांव के ग्राम प्रधान की हत्या को अंाजम दिया गया।
जनपद की पांच ग्राम पंचायतों को माडल के तौर पर विकसित करने के लिए चुना गया है। इनमें से एक ग्राम पंचायत छाता क्षेत्र की पैगांव भी है। ग्राम पंचायत को 21 करोड रूपये विकास के लिए मिलने हैं। जिनमें से सात करोड 45 लाख रूपये शासन की ओर से निर्गत भी किए जा चुके हैं। एसएसपी डा.गौरव ग्रावर ने पैगांव प्रधान की हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि इस हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह प्रधानी की रंजिश और ग्राम पंचायत को आवंटित होने वाली 21 करोड रूपये की ग्रांट ही रही है। यह घटना मुख्यमरूप से गांव के विकास के लिए सरकार द्वारा दी गई 21 करोड की धनराशि के उपर कब्जा करने के लिए व गांव से संबंधित अन्य कारण जो जिनसे कि अमोल के मन में प्रधान के प्रति रंजिश पैदा हुई थी उसी के चलते प्रधान को रस्ते से हटाने के लिए यह घटना प्लान की गई। जिसके लिए उसके द्वारा शूटर हायर किए गए और यह घटना कराई गई। परफॉर्मेंस ग्रांट के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शासन से ग्राम पंचायत पैगाम को 20 करोड़ 45 लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। जिसके तहत 156 विकास कार्य कराए जाने हैं। परफॉर्मेंस ग्रांट के अंतर्गत विधानसभा छाता क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पैगाम में 7 करोड़ 80 लाख की धनराशि के 106 कामों का शिलान्यास क्षेत्रीय विधायक कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार चैधरी लक्ष्मी नारायण ने किया था। इस दौरान जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल एवं जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चैधरी भी मौजूद रहे थे। दूसरी ग्राम पंचायतों के प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी कार्यक्रम में बुलाया गया था।
उप चुनाव में थी जीत की उम्मीद
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता द्वारा ग्राम प्रधान रामवीर सिंह की हत्या करवाकर पुनः चुनाव होने पर विजेता होने की उम्मीद रखते हुए तथा 21 करोड़ के अनुदान को अपने अनुसार खर्च करने के उद्देश्य से षड़यन्त्र रचकर यह घटना कारित की गयी है ।
पैगांव है जिले की सबसे बडी ग्राम पंचायत है।




