मैंने भी पिता की विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया-केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

अपना दल की विचारधारा को खत्म करने के लिए सपा ने मेरी बड़ी बहन को मोहरा बना दिया-केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल
(अनुराग शुक्ला) सिराथू (अनुराग दर्शन समाचार)। आज केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पिता का देहांत हुआ तो वह संकट का दौर था। उनकी जीवन यात्रा को खत्म होते हुए देखा, जनता में निराशा थी कि हमारे नेता चले गए। उस वक्त मेरे परिवार से कोई सदस्य राजनीति में सक्रिय नहीं था। चारों बहनों में से कोई राजनीतिक तौर पर सक्रिय नहीं थी। उस वक्त मैंने इस चुनौती को स्वीकार किया, पिता की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करुंगी। आप जनता ने अनुप्रिया को एक बेटी से एक नेता बना दिया। आज यूपी यदि मेरी आवाज सुनता है तो वो आप जनता की बदौलत। आपको तय करना है कि सोनेलाल के विचारों को बढ़ाने वाली बेटी को आगे बढ़ाना है या उनके सपनों को किसी दल को बेचने वाली बेटी को चुनना है। उन्होंने सिराथू में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समर्थन में सभा की। इसी विधानसभा सीट से अनुप्रिया की बड़ी बहन पल्लवी पटेल सपा और अपना दल कमेरावादी गठबंधन के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। बाेलीं कि हमनें पार्टी की विचार धारा को आगे बढ़ाया है लेकिन मेरी बहन ने अपनी विचार को धारा को बेच दिया। पिछड़ों के आरक्षण को अपना दल ने उठाया है सपा ने नही उठाया है। अपना के दल इस मसले को उठाने पर केंद्र सरकार ने नीट, मेडिकल आदि में स्थान दिया है। डा.सोनेलाल पटेल ने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया, न ही दूसरे के सिंबल पर चुनाव लड़े । मैंने भी पिता की विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया। अपना दल की विचारधारा को खत्म करने के लिए सपा ने मेरी बड़ी बहन को मोहरा बना दिया और उन्हें साइकिल पर बिठा दिया ।




