जातीय जनगणना कर सभी को आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी दी जाय

( अनंत पांडेय ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। समाजवादी पार्टी ने आज 7अगस्त को मण्डल दिवस के रूप में मनाकर जातीय जनगणना की मांग उठाई। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ द्वारा गोष्ठी आयोजित कर मण्डल आयोग के गठन के औचित्य, इसकी रिपोर्ट और केंद्र एवं प्रदेश सरकारों द्वारा आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू नहीं किये जाने पर चर्चा करने केबाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
मण्डल दिवस पर बोले सपा नेता, राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कृपा शंकर बिन्द एवं संचालन महानगर अध्यक्ष राकेश वर्मा ने किया बतौर मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष रामानंद भारती ने कहा कि आरक्षण संविधान में पिछड़ों, दलितों को दिया गया अधिकार है, न कि भीख है। देश की आजादी के बाद तमाम प्रबुद्ध लोंगो ने पाया कि समाज का अधिसंख्य हिस्सा शिक्षा, संसाधन, सम्मान से वंचित है। इसे तभी समानता में लाया जा सकता है जब इन्हे कुछ विशेष अधिकार दिए जाएँ। बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री बी पी मण्डल की अध्यक्षता में गठित आयोग ने जो रिपोर्ट केंद्र को सौंपी उसे लागू कराने के लिए शरद यादव, लालू यादव, राम विलास पासवान, मुलायम सिंह यादव, कर्पूरी ठाकुर जैसे तमाम अग्रणी राजनेताओं द्वारा सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करना पड़ा है। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. बी पी सिंह ने 7अगस्त 1990 को आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की घोषणा किया। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मा. मुलायम सिंह यादव को पहला मुख्यमंत्री होने का श्रेय जाता है जिन्होंने सबसे पहले मण्डल आयोग की रिपोर्ट को लागू किया। गोष्ठी के बाद महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित सात सूत्रीय एक ज्ञापन भी जिला धिकारी के माध्यम से से दिया गया.। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मण्डल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू किये जाने, जातीय जन गणना कराकर सभी को अनुपातिक हिस्सेदारी देने,आरक्षित वर्गों को बैक लाग भर्ती शुरू करके नौकरियां देने, नीट में पिछड़े वर्ग की छूटी सीटों की क्षतिपूर्ति करने, निजी क्षेत्र में भी आयोग की सिफारिसें लागू करने एवं लीटरल इंट्री बंद किये जाने की की मांग शामिल है।




