लोकतंत्र के उत्सव में बड़े-बुजुर्गों का उत्साह युवाओं पर रहा भारी

मतदान के लिए बुजुर्गों ने बीमारी को भी दरकिनार कर दिया
कहीं व्हीलचेयर से तो कहीं स्ट्रेचर से आए बुजुर्गों ने किया मतदान
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )।लोकतंत्र के उत्सव में बड़े-बुजुर्गों का उत्साह युवाओं पर भारी रहा। मतदान के लिए बुजुर्गों ने बीमारी को भी दरकिनार कर दिया। अल्लापुर निवासी 78 वर्षीय भूरी पाठक 21 फरवरी को घर में फिसलकर गिर गईं थीं जिससे कमर में फ्रैक्चर हो गया था। ऑपरेशन के बाद वह निजी अस्पताल में भर्ती थीं। रविवार को उन्होंने अपने बड़े बेटे पंडित देवराज पाठक से कहा कि एक-एक वोट कीमती होता है। इसलिए वह मतदान करेंगी। देवराज पाठक ने अस्पताल में डॉक्टरों से बात की और एंबुलेंस से मां को लेकर पोलिंग बूथ एमएल कॉन्वेंट स्कूल अल्लापुर पहुंचे, जहां उन्होंने मताधिकार का प्रयोग किया। सेंट एंथोनी केंद्र पर अक्षयधर दुबे (83) व्हीलचेयर पर वोट देने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि घर में तेरहवीं थी, दिन में व्यस्त हो जाते इसलिए सुबह ही वोट देने पहुंच गए। चलने-फिरने में असमर्थ 90 वर्षीय झूंसी के रसिक बिहारी त्रिपाठी व्हीलचेयर पर बेटे अमित त्रिपाठी और बहू डॉ. पी त्रिपाठी के साथ लगभग एक किमी दूर चक हरिहरवन प्राइमरी स्कूल में वोट डालने गए। कहा मतदान समाज और राष्ट्र के प्रति मेरी जिम्मेदारी है। प्रतापपुर के प्राथमिक विद्यालय पुरेगोपाली बूथ पर 101 वर्षीय महिला फातमा बेगम तो 99 साल के राम सुमेर चौरसिया ने अपना अमूल्य मत देकर लोकतंत्र को मजबूत किया।




