पोकलैण्ड से दिन-दहाड़े अवैध बालू निकालते खनन माफिया

बालू माफिया शिवचन्द्र पर नहीं कस रहा प्रशासन का शिकंजा
फुलवारी घाट में हो रहा बडे पैमाने पर अवैध खनन
चित्रकूट (अनुराग दर्शन समाचार ) । विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले के आला अधिकारियों की व्यस्तता के चलते बालू खनन माफिया जमकर लाभ उठा रहे हैं। कर्वी तहसील क्षेत्र में ओरा बालू खदान हो या गढीघाट की फुलवारी घाट की बालू खदानों में धडल्ले से अवैध खनन हो रहा है। फुलवारी घाट के बालू माफिया शिवचन्द्र त्रिपाठी एनजीटी नियमों को ताक में रखकर अवैध खनन करा रहे हैं। मंगलवार को गढीघाट की फुलवारी बालू खदान में तकरीबन डेढ दर्जन से ज्यादा भारी भरकम मशीनों से बागे नदी का सीना चीरकर अवैध बालू खनन किया जा रहा है। घाट संचालक शिवचन्द्र त्रिपाठी अवैध खनन के साथ जमकर ओवरलोडिंग ढुलान करा रहा है। इससे राजस्व को भारी क्षति पहुंच रही है। सैकडों गांवों को जोडने वाला बिसंडा पहाडी मुख्य मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील होता जा रहा है। नदी का स्वरुप भी बदल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को कोई परवाह नहीं है। अवैध बालू खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने खनिज विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफियाओं की सांठगांठ से कोई अधिकारी अवैध बालू खनन के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते साल पोकलैण्ड से जलधारा से अवैध खनन के चलते नदी में गहरे गड्ढे होने से डूबकर तीन नाबालिग बच्चों की जान चली गई है। इस बार भी जिला प्रशासन किसी बडे हादसे का इंतजार कर रहा है। इसीलिए बालू माफिया शिवचन्द्र त्रिपाठी के खिलाफ कोई भी अधिकारी कार्यवाही की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। शिवचन्द्र की दौलत के आगे सभी के मुंह बन्द हैं। कोई भी अधिकारी किसानों की शिकायत पर अवैध खनन देखने या कार्यवाही को जाता है तो किसानों के दिखावे को खदानों के अन्दर तो जाते हैं, लेकिन अवैध बालू खनन पर कार्यवाही की बजाय फोटो खिचाकर चले आते हैं। फुलवारी घाट में ठेकेदार लीज से हटकर नदी की जलधारा से पोकलैण्ड से दिन-दहाड़े अवैध बालू निकाल रहा है। मजे की बात ये है कि बालू माफिया शिवचन्द्र त्रिपाठी ने नदी की जलधारा रोककर दो पुलों का निर्माण भी करा लिया है। इससे गांव की ओर पानी न होने से जानवरों को पानी के संकट से जूझना पड रहा है। इस बाबत खनिज अधिकारी शनि कौशल ने कहा कि पोकलैण्ड मशीन की अनुमति है, लेकिन पुल निर्माण गलत है। मौके पर जाकर देखेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दबंग ठेकेदार ने गरीबों की सब्जी की खेती नष्ट कर दिया है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खडा हो गया है।



