कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा- न्यायालय संज्ञान नहीं लेता तो भाजपा सरकार कभी दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती
इलाहाबाद । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के उन्नाव प्रकरण पर दिए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि यह निर्णय न्यायपालिका और लोकतंत्र में जनता की आस्था और विश्वास को मजबूत करने वाला मार्गदर्शक निर्णय है। बलात्कार की वीरता जब 10 माह तक न्याय की गुहार लगाती रही और दर-दर भटकती रही तथा निराश होकर मुख्यमंत्री के दरवाजे पर आत्मदाह करने पहुंची लेकिन पुलिस ने पीड़िता के पिता को ही गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता के पिता के मृत्यु पूर्व दिए गए सार्वजनिक और बयान में उसके कथनानुसार पुलिस हिरासत में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई और उसके सहयोगियों ने पीड़िता के पिता को पुलिस हिरासत में संघात्मक चोट पहुंचाई गई। जानलेवा हमले के बाद भी पिता के पिता को चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई और पीट-पीट कर उसे मार डाला गया।
ना कि हफ्ता होते हुए ऐसे प्रकरण पर P.I.L को स्वीकार करके उच्च न्यायालय इलाहाबाद नहीं साहसिक और जन विश्वास को कायम रखने वाला निर्णय दिया तब जाकर रिपोर्ट लिखी गई और विधायक के भाई की गिरफ्तारी की गई ।
उच्च न्यायालय के मुख्य के निर्णय के बाद आरोपी विधायक गिरफ्तार किया गया और प्रकरण की C.B.I जांच का आदेश हुआ तब माननीय उच्च न्यायालय की पीठ की देखरेख ( मॉनिटरिंग) मैं जांच आगे बढ़ेगी और माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय से इंसाफ हो सकेगा
श्री तिवारी ने कहा है कि एक सवाल जनमानस में है कि क्या बलात्कार और हत्या जैसे संगीन आरोपों के बाद आरोपी विधायक यदि भारतीय जनता पार्टी का विधायक तथा उसके परिवार के व्यक्ति ना होते और किसी अन्य राजनीतिक दल के होते या आम आदमी होते तो क्या उसके साथ उदारतापूर्वक इतनी लापरवाही होती?
श्री तिवारी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के कठुआ की घटना में जहां एक 8 साल की मासूम बच्ची के साथ मंदिर परिसर में कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार होता रहा और उसके बाद उसकी निर्लज्जता पूर्वक निर्मम हत्या कर दी गयी, तथा जब पुलिस ने महीनों की जांच के बाद प्रकरण में चार्जशीट लगाना लगाना चाहे तो भारतीय जनता पार्टी सरकार के दो मंत्री भीड़ को उकसाते हैं ।मासूम पिता के वकील को अदालत में नहीं जाने देते ।
चार्जशीट लगाने में घंटों बाधा उपस्थित करते हैं ।क्या किसी लोकतांत्रिक देश के सभ्य समाज में इसकी कल्पना की जा सकती है? जैसा जम्मू कश्मीर में भाजपा पी.डी.पी सरकार में हुआ है। एक 8 साल की भूखी प्यासी मासूम बच्ची के साथ मंदिर परिसर में कई दिनों तक बार-बार सामूहिक बलात्कार होने की घटना को सोचकर आत्मा सिहर उठती है इस घटना से मानवता और देश दोनों का सिर शर्म से झुक गया है।
श्री तिवारी ने कहा है कि एक सवाल उठता है कि क्या भारतीय जनता पार्टी सरकार का यही मानवीय चेहरा है? क्या इसी रामराज्य का वायदा किया गया था – विभाग से उन्नाव कठुआ दोनों जगह के विधायक और मंत्री अभी भी भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित नहीं किए गए हैं और उसके सम्मानित सदस्य बने हुए हैं।
श्री तिवारी ने इस घटना पर चिंता और दुख व्यक्त करते हुए एक बार पुनः माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है और आम भक्ति से शांतिपूर्वक एकजुट होकर पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए पहल और संघर्ष करने का अनुरोध किया है।




