संत समागम

जो वीडियोग्राफी का विरोध कर रहे हैं,वह न्यायालय का विरोध कर रहे हैं : मनोज तिवारी

 

ओवैसी व उनके जैसे लोग डबल स्टैंडर्ड के

कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि लोगों का विरोध करना बहुत दुखद है,किसी के विरोध से कोर्ट का निर्णय नहीं बदलता। कोर्ट ने कहा है कि उसकी वीडियोग्राफी होनी चाहिए और वह होनी शुरू हो गई है। जो वीडियोग्राफी का विरोध कर रहे हैं, वह न्यायालय का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वह शनिवार को शहर आए थे।
सीएए का विरोध संविधान का विरोध
अयोध्या की रामलीला कमेटी की ओर से शनिवार को सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें भाजपा सांसद एवं भोजपुरी फिल्म स्टार मनोज तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध करने वाला संविधान का विरोध कर रहे हैं। उन्हें नहीं मालूम कि इससे देश को कितना फायदा होगा।
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के मसले पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा की संसद ओवैसी को संविधान की किताब को लहराते हुए कई बार देखा है जिसमे वो संविधान कहते है कि संविधान से चलना चाहिए। आज जब ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आर्डर है तो उनका संविधान कहा चला गया है? ओवैसी व उनके जैसे लोग डबल स्टैंडर्ड के लोग है। न्यायालय पर अगर कोई टिप्पणी करता है तो समझ लीजिये की दाल में कुछ काला है।
कानपुर के कलाकार भी दिखेंगे
भाजपा सांसद ने बताया कि अयोध्या की रामलीला में अबकी बार कानपुर की छिपी प्रतिभाओं को मौका मिलेगा। शहर और ग्रामीण के पांच रंगमंच कलाकारों का चयन किया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने जिस जगह अयोध्या में जन्म लिया था,उसी जमीन पर अयोध्या की रामलीला का मंचन होता है। वर्ष 2020 कोरोना काल में लोग रामलीला से वंचित रहे तो एक वर्चुअल रामलीला का मंच तैयार किया था। अयोध्या की रामलीला समिति में कानपुर के सोमेंद्र मेहता को उपाध्यक्ष चुना गया है। इनकी देखरेख में ही प्रतिभा के हिसाब से महानगर और ग्रामीण इलाकों के कलाकारों का चयन होगा।

Related Articles

Back to top button