
अनुराग शुक्ला ) ज्योतिर्मठ, चमोली, उत्तराखंड ( अनुराग दर्शन समाचार )।
शंकराचार्य जी महाराज द्वारा स्थापित ज्योतिर्मठ के प्रांगण में आज बडी धूम-धाम से भारतीय स्वतन्त्रता तिथि मनाई गई । आज से ७४वर्ष पूर्व विक्रम संवत् २०७९ के श्रावण मास, कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि को हमारा ये भारत वर्ष स्वतंत्र घोषित हुआ था । 2500वर्ष की अवतरित भगवत्पाद आदि शंकराचार्य जी महाराज ने चार मठों की स्थापना सतानत धर्म के मूल्यों के संरक्षण, परिरक्षण और अभिरक्षण के लिए किया था । उन्ही के इस महानतम परम्परा में इस समय विराजमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं (द्वारकाशारदापीठाधीश्वर) जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने सदा सनातन धर्म की सेवा की है । स्वतंत्रता तिथि के अवसर पर स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दी और ये कहा कि हम सनातनियों (हिन्दुओं) को सदा अपने समस्त कार्य अपनी तिथि में ही मनानी चाहिए ।ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द ने राष्ट्रीय ध्वज की पूजा , वन्दना करके ध्वजोत्तोलन किया फिर राष्ट्रगान गाया गया । देशभक्ति के गीत की प्रस्तुति हुई फिर सबको प्रसाद वितरित किया गया । इस अवसर पर उपस्थित रहे स्वामी मृत्युंजय महादेव आश्रम जी, ब्रह्मचारी विष्णुप्रियानन्द जी, महिमानन्द उनियाल जी, मनोज गौतम जी, नन्दादत्त सिलोडी जी, परशुराम खण्डूरी जी, दिनेशचन्द्र सती, जगदीश उनियाल जी, वैद्य शंकरलाल सराठे जी, मनोज भट्ट जी, गणेश उनियाल जी, डा प्रियंका जी, सम्पत्ति जी, टिंकू धनखड जी, संजय सती, कैलाश उनियाल जी, आशीष उनियाल आदि।


