Prayagraj भारी विरोध के बीच एक दर्जन मकानों का हुआ ध्वस्तीकरण
भारी विरोध के बीच एक दर्जन मकान का हुआ ध्वस्तीकरण

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। अलोपशंकरी मंदिर परिसर में भारी विरोध के बीच बुधवार को एक दर्जन मकान ढहा दिए गए। ध्वस्तीकरण से पहले मकानों को खाली कराया गया।
जालपा मंदिर के आसपास अवैध निर्माण हटाने की हुई कार्रवाई
निर्माणों को ढहाने का स्थानिय महिलाओं ने किया विरोध
इसके बाद जालपा मंदिर के आसपास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई। निर्माणों को ढहाने का महिलाओं ने विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला जेसीबी के आगे खड़ी होकर विरोध करती रही। महिला का कहना था कि उसका सहारा पहले छिन गया। सिर पर छत भी नहीं रही। अब कहां रहेंगे। जिन परिवारों के घरों पर जेसीबी गरजा, उनकी आंखें भी नम थीं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) को ध्वस्तीकरण के विरोध का पहले से आभास था।
इसलिए परिसर के अंदर और बाहर फोर्स तैनात कर दी गई थी। पीडीए के विशेष कार्याधिकारी संजीव कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। शाम पांच बजे तक कार्रवाई जारी रही। परिसर में उन्हीं मकानों को ढहाया गया, जो खाली हो चुके थे। बाकी मकानों को भी ढहाया जाएगा। अब अलोपशंकरी मंदिर के पास मकान गिराए जाएंगे। पीडीए ने अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण से पहले रक्षा संपदा कार्यालय और मंदिर प्रबंधन से अनुमति ली थी।
ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित मकानों के सामने पीडीए ने नोटिस चस्पा की थी। पीडीए ने कुम्भ-2019 के पहले भी मंदिर परिसर के अंदर मकानों के ध्वस्तीकरण की योजना बनाई थी। तब मंदिर के बाहर लगभगग 75 दुकानों को ढहा दिया, लेकिन परिसर के अंदर मकानों पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी।



