घर और मकान में अंतर है: आचार्य प्रमुख सागर

विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। जैन आचार्य प्रमुख सागर महाराज ने ज़ीरो रोड स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में प्रबचन करते हुये श्रद्धालुओ से।कहा कि आदर्श घर वही है जहां अपने पूर्वजों के आदर्शो का सदा अनुसरण किया जाता हो।
जिस घर में अपने पूर्वजों के सदादर्शो का अनुसरण किया जाता है वह घर आदर्श घर की श्रेणी में आता है और जिस घर में आदर्शो की उपेक्षा होती है वह घर कभी भी आदर्श घर नहीं हो सकता है। हम लोगों को घर में रहने की आवश्यकता नहीं, हम मकानों रहते हैं, भवनों में रहते हैं।
इसलिए कि उससे हमारा कोई अपनत्व नहीं। गृहस्थ का घर कोने-कोने में अपनत्व जुड़ा रहता है और गृहस्थ ही वास्तव में घर बसाता है। घर बसता है जब गृहिणी आती है।
इस मौके दिगंबर पंचयती सभा के पदाधिकारी , जैन महिला मंडल एवं सकल जैन समाज के लोग उपस्थित रहे। आचार्य श्री के संघ का विहार दोपहर को कौशाम्बी की तरफ हुआ।




