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प्रयागराज में O.D.FOT के संरक्षण में आयुध निर्माणी कामगारों ने किया आंदोलन का आव्हान- बोले, रक्षा उद्योग का न हो निजीकरण

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) । प्रयागराज मे किला ओ0डी0फोट कर्मचारीयूनियन यूनियन के संरक्षण आल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एस0 एन0 पाठक के आवाहन पर किला ओ0डी0फोट कर्मचारीयूनियन के महामंत्री योगेश चंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्र के राष्ट्र के सुरक्षा के हित में सरकार के स्वामित्व वाले रक्षा उद्योग की रक्षा हेतु यूनियनों के साथ सामाजिक एवं जनतांत्रिक संगठनों देश की मिडिया से अपील की। रक्षा कामगार के जुलाई में आंदोलन को समर्थन देने के साथ आगे आने की अपील की है कि देश की सेवा 19शताब्दी से 20शताब्दी के समय अंतराल से अब तक
देश की 41 आयुध निर्माणी और 52 डीआरडीओ प्रयोगशालाओं डी जी क्यू ए एम 0ई0.एस 0 ई0 एम,ई0 तथा थल सेना हवाई सेना एवं नौसेना के अंतर्गत आने वाले रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत 400000 रक्षा असैनिक कर्मचारियों की की जन जन आवाज सुनने के लिए भारत की चौथे स्तंभ भारतीय मीडिया से अनुरोध है
की भारत के रक्षा संस्थानों को बचाने के लिए आप रक्षा कामगारों की आवाज बनिए क्योंकि किसी भी देश के लिए उसकी सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है विश्व के सभी देश की अपनी एक रक्षा नीति तथा तथा तथा सशक्त सेनाएं होती हैं भारत के पास विश्व की तीसरे नंबर की सबसे बड़ी सशक्त मौजूद है क्योंकि देश की तीनों सेनाओं की सुरक्षा करने में तभी सक्षम होंगी जब वह स्टेट आफ आर्ट वाले ताज और सम्मान से पूर्ण रूप से सुसज्जित होंगे।
यह तभी संभव होगा की रक्षा उद्योगों को आत्मनिर्भर बना कर देश के सीमाएं तभी सुरक्षित होंगी क्योंकि आज 50 वर्ष से ज्यादा समय से ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान अपनी रक्षा सेनाओं के लिए आवश्यक जतिल उपकरणों को विकसित करने में अपनी अहम भूमिका निर्वाहन कर रहा है मिसाइल तकनीक इलेक्ट्रॉनिक वार फेयर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमारा देश कई देशों की तुलना में अग्रिम पायदान पर है
अग्रेजो के समय काल मे रक्षा क्षेत्र में अपने को सामर्थ्य बनाने की आवश्यकताओं को महसूस करते हुए ब्रिटिश
शासनकाल देश में 16 आयुध निर्माणी में बड़ोती करने की दिशा में और नई नई आयुध निर्माणी तथा रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों जैसे एच0 ए0 एल 0बी 0ई0एल0 बी 0एम 0एल0 बी0 डी 0एल0 मझगांव डॉकयार्ड गार्डनरीच मिधानी तथा गोवा शिपयार्ड की स्थापना की गई इसके पश्चात रक्षा तकनीकी में स्वदेशी की अवधारणा को साक्षर करने के लिए सरकार के द्वारा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान डीआरडीओ की स्थापना की गई वर्तमान समय में 41 आयुध निर्माणीयो के द्वारा हथियार के मध्यम तथा लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियार मोटार सामग्री ब बैरल्स टेक तथा इसके अन्य संस्करण आर्मड पसनल कैरियर इंजन ट्रक माइंस प्रोटेविटड एंड सिक्योरिटी व्रिहकल स्माल मीडिय तथा लार्ज कैलिबर एम्युनिशन बम रॉकेट एरियल वायरलेस फ्यूज एक्सप्लोसिव केमिकल प्रोपेलेंटस पायरो प्रोडक्ट ऑप्टिकल इंटूमेंट्स
नाइट विजन हैवि ऐलाय पेनिट्रेटर मिलिट्री विकल्प मैंन डापिग पैराशूट ब्रेक पैराशूट पायलट पैराशूट पलोट वोट सामरिक महत्व वाली आर्मी लोगों की यूनिफॉर्म एक्सट्रीम क्लाइमेट ड्रेस जूते टेंट तथा सैनिकों को उनकी सुविधा के लिए आवश्यक एंड साजो सामान का उत्पादन किया जा रहा किया जाता है लेकिन सरकार ने इस संथानो को कारपोरेट धरानो और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बेचने के लिए जो मन बनाया है और आगार्ह किया है कि सरकार के द्वारा फैसला को पुनः विचार करे कयो कि रक्षाक्षेत्र में 49%से प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश को बढाकर 70 % और रक्षा क्षेत्र के कामगारों के लिए घातक होगा अगर रक्षा उधोग को निजीकरण होता है तो सरकार को पूरे देश में एक साथ आंदोलन करेगे और पुरे देश के रक्षा कामगारो ने जुलाई में शामिल होने के लिए देश के आयुध निर्माणी बोर्ड के कामगारों ने अमेठी शाहजहापुर देहरादुन महाराष्ट्र बंगाल उड़ीसा मध्य प्रदेश कंनाटक तमिलनाडु बिहार झारखंड की सभी आयुध निर्माणीयोके नेताओ ने आज हुंकार के साथ कामगारों की आवाज को आगाज करते हुए 100%वोटिंग मत से सरकार को आईना दिखाने का मन बना लियाहै और जगह जगह आंदोलन की रूप रेखा सरकार को पत्र लिखकर और विरोध प्रदर्शन शांति तरिके से अपनी बात मनवाये गे।

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