चीन के उत्पादों पर रोक लगाते हुए आत्मनिर्भर बनना होगा डॉ आर पी वर्मा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद डा आरपी वर्मा ने कहा कि बदलते हुए परिदृश्य में ज्ञानार्जन के साथ सरकार को रोजगारपरक शिक्षा पर जोर देना होगा जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके और वह आत्मनिर्भर हो सके।
इससे समाज के लोग और देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि आज चीन जिस तरह से सभी उत्पादों में अग्रणी होते हुए विश्व के 75 फीसदी बाजार पर कब्जा हो गया है।
डा वर्मा ने कहा कि एक तरफ हमें चीन के उत्पादों का बहिष्कार करना होगा और दूसरी ओर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के लिये तकनीकी रूप से दक्ष करते हुए उनको रोजगार उपलब्ध कराना होगा।
यह बातें चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षाविद डा आरपी वर्मा ने मंगलवार को एक शैक्षिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि देश में युवाओं की कमी नही है बल्कि उनको रोजगार का तकनीकी प्रशिक्षण देते रोजगार उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है तभी युवा और देश आत्मनिर्भर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष करोडो युवा ग्रेजुएट होकर विवि और डिग्री कालेजों से निकलते है। शिक्षाविद डा वर्मा ने गलवा घाटी में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित किया।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमें चीन से सावधान रहना होगा क्योकि उसकी विस्तारवादी नीति से भारत ही नही पडोसी सभी देश-पाकिस्तान, बंग्लादेश, नेपाल, मालदीप और श्रीलंका
परेशान है लेकिन वह लोग अपने स्वार्थ के वसीभूत है जिससे चीन के उत्पीडन को बता नही पा रहे है। संगोष्ठी में वरिष्ठ शिक्षाविद राम आसरे, शिवकुमार सहित अन्य लोगों ने प्रकाश डाला। संचालन शिक्षाविद एवं शिक्षिका डा रेखा वर्मा ने किया।




