कोरोना महामारी ने मजदूरों व मध्य वर्ग की कमर तोड़ दी- रेवती
प्रयागराज (अनुराग शुक्ला ) । राज्यसभा सांसद कुवंर रेवती रमण सिंह ने कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में केंद्र सरकार की नीतियों कि आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार का हर निर्णय गलत साबित हुआ जब अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगनी चाहिए तब नहीं किया जिससे कोरोना भारत में आया और जब कोरोना का प्रकोप कम था तो अचानक ट्रेन बन्द कर दिया और जब कोरोना के मरीजों की संख्या एक लाख पार कर रही हैं तो ट्रेन चला दिया और बिना जांच के कोरोना महामारी के रेड जोन प्रदेश महाराष्ट्र व गुजरात से प्रवासी मजदूरों बिना सोशल डिस्टेंसिग के वहाँ से उत्तर प्रदेश , बिहार के गांव में बिना खायें पियें पैदल ही भेज दिया गया।
जिससे आज उत्तर प्रदेश और बिहार के गांव में भी कोरोना महामारी का प्रकोप तेजी से अपने पांव पसार रहा है यह मोदी सरकार की असफलता हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी मे सबसे ज्यादा मजदूर और मध्य वर्ग पीसा हैं मजदूर की स्थिति तो दुनिया देख रही हैं लेकिन मध्य वर्गीय परिवारों की स्थिति और खराब हो रही हैं क्योंकि भारत में ऐसा समाजिक ताना बाना हैं कि मध्य वर्ग अपने स्वाभिमान और इज्ज़त के लिए अन्दर अन्दर घुटता हैं पर किसी से कहता नहीं।
इस लाँकडाउन में उसके रोजगार धन्धे चौपट हो गए और उसको कोई सरकारी मदद भी नहीं मिल रही हैं प्रधानमंत्री के राहत पैकेज की धोषणा को पांच दिन एक एक घंटे टीवी पर आखं गराये देखता रहा कि कब शायद बिजली के बिल, स्कूल फीस, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, किराया माफी , बैंक की किश्त या कुछ राहत राशि कि धोषणा होगी लेकिन 20लाख करोड़ का लालीपाप पांच दिन तक चलता रहा मिला कुछ नहींउन्होंने कहा कि विदेशों की नकल मोदी सरकार खूब करती हैं तो अमेरिका कनाडा जैसे अन्य देशों ने सीधे बैंक एकाउंट मे सहायता राशि डाली सभी नागरिकों के और भारत तो लोन बाटनें बैठे हैं।
पूर्व सपा प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि कोरोना युद्धोंओ को सिर्फ ताली- थाली -फूल और मोमबत्ती लाईटिंग से सम्मानित करने से ज्यादा जरुरी हैं उनको संक्रमण से लड़ने के लिए प्रापर किट मुहैया कराने की जिससे वो अपनी जान की सुरक्षा करते हुए आमजनता के जान की सुरक्षा करें आज कई डॉक्टर – नर्स और सुरक्षा कर्मी कोरोना के चपेट में आ रहे हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राहत फंड में इतना ज्यादा चंदा आया पर कहा खर्च हो रहा हैं पता ही नहीं चल रहा हैं।




