कनिष्ठ सहायकों के 5,288 पदों पर भर्ती का मामला: रिक्त पदों को भरने की मांग

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में कनिष्ठ सहायकों के 5,288 पदों की भर्ती में खाली रह गए पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
तमाम अभ्यर्थियों ने खाली रह गए पदों को अगली भर्ती के लिए अग्रसारित (कैरी फारवर्ड) करने पर रोक लगाने की मांग की है। कोर्ट ने याचिका पर प्रदेश सरकार व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। आलोक गौर व अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता मुजीब अहमद सिद्दीकी का कहना था कि प्रदेश के 71 सरकारी विभागों में कनिष्ठ सहायकों के 5,288 पदों पर भर्ती के लिए 2016 में विज्ञापन जारी किया गया।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की तमाम सीटें योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण रिक्त रह गई हैं। इन पदों को मेरिट में नीचे रह गए अभ्यर्थियों से भरने के बजाय अगली भर्ती के लिए कैरी फारवर्ड किया जा रहा है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कोई प्रतीक्षा सूची भी तैयार नहीं की है। बताया कि याचियों के अंक कटऑफ मेरिट के लगभग बराबर हैं या थोड़े ही कम हैं।
यदि बचे हुए पदों को प्रतीक्षा सूची बनाकर भरा जाए तो याचीगण का चयन हो सकता है। मांग की गई है कि या तो प्रतीक्षा सूची बनाई जाए या फिर मेरिट में नीचे रह गए अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर चयन किया जाय।



