हाउस टैक्स के दायरे में आएंगे 15 हजार नए फ्लैट

नगर विकास विभाग के जीएसआई सर्वे के बाद बदले हालात
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। नगर विकास विभाग की ओर से कराये गए जीएसआई सर्वे के बाद शहर में करीब पंद्रह हजार फ्लैटों में रहने वाले लोग हाउस टैक्स के दायरे में आएंगे। इसमें से ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो पीडीए के फ्लैट में रहते हैं और हाउस टैक्स नहीं देते हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं कि जिन्होंने एक भूखंड पर अपार्टमेंट बनवाया है लेकिन हाउस टैक्स केवल भूखंड स्वामी के नाम पर आता है। अब ऐसा नहीं चलेगा। नगर निगम सीमा में हर फ्लैट में रहने वालों को हाउस टैक्स देना होगा।
स्थानीय निकाय निदेशालय ने प्रयागराज के नगर आयुक्त समेत सभी नगर आयुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक में इस संबंध में निर्देश दे दिया है। नगर आयुक्तों से कहा गया है कि जीएसआई सर्वे के बाद स्थलीय सर्वे के दौरान पता लगाया जाएगा कि प्रदेश में ऐसे कितने फ्लैट मालिक हैं जो अभी तक हाउस टैक्स नहीं दे रहे हैं या फिर एकल भूखंड पर एक ही आवास का टैक्स दे रहे हैं। ऐसे लोगों से हर फ्लैट का अलग से अनिवार्य रूप से टैक्स लिया जाए।
प्रयागराज में पीडीए और आवास विकास परिषद ने झूंसी, नैनी, करेली, कालिंदीपुरम, गोविंदपुर, प्रीतम नगर, नीम सराय, तेलियरगंज समेत स्थानों पर अर्पाटमेंट बनवाए हैं। इन फ्लैटों में रहने वालों ने पीडीए में विकास शुल्क जमा किया है। नगर निगम इनसे हाउस टैक्स नहीं लेता है। पिछले महीने में पीडीए ने कांलिंदीपुरम में बने सात अपार्टमेंट नगर निगम को हस्तांतरित किए हैं। इन अपार्टमेंट में रहने वाले इससे पहले टैक्स नहीं देते थे लेकिन अब इन्हें हाउस टैक्स देना होगा।


