हलफनामा दाखिल न करना पड़ा भारी: सचिव ग्राम विकास पर 5000 रुपए का हर्जाना

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई बार आदेश के बाद भी हलफनामा दाखिल न करने पर सचिव ग्राम विकास पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया है ।
कोर्ट ने कहा कि सचिव ग्राम विकास अपने खाते से चेक से हजार रुपये राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कर हलफनामा दाखिल नहीं करते तो अगली सुनवाई पर उन्हें कोर्ट में हाजिर होना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने त्रयंबक नाथ की याचिका पर दिया है।
याचिका के अनुसार याची वर्ष 2003 में रिटायर हो चुका है। उसने गलत बेसिक पे निर्धारण के खिलाफ याचिका दायर की है। याची के अधिवक्ता गिरिजा शंकर मिश्र ने कोर्ट को बताया कि गलत बेसिक पे निर्धारण के कारण याची की पेंशन में काफी फर्क पड़ रहा है।
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अलग-अलग तिथियों पर सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा।
सरकारी वकील का कहना था कि पत्र से सूचना दी जा चुकी है लेकिन कोई हलफनामा दाखिल नहीं हुआ। सरकारी वकील ने कोर्ट से एक अवसर और मांगा ताकि सचिव से बात कर हलफनामा दाखिल किया जा सके।
इस पर कोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने का एक और मौका देते हुए सचिव को निर्देश दिया कि वह अपने खाते से पांच हजार रुपये का चेक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कर हलफनामा दाखिल करें। ऐसा न करने पर उन्हें तीन नवम्बर को अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहना होगा।



