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सिपाही भर्ती परीक्षा में डॉक्टरों को क्लीन चिट

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। सिपाही भर्ती परीक्षा में उजागर हुए भ्रष्टाचार के मामले में मेडिकल बोर्ड के किसी डॉक्टर की संलिप्तता नहीं पाई गई है।

ऐसा दावा पुलिस ने किया है। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए सिपाही बृजेंद्र सिंह ने मेडिकल बोर्ड के कुछ डॉक्टरों पर मिलीभगत का आरोप लगाया था।

जिसकी विवेचना चल रही है। पूछताछ में अभियुक्त ने पुलिस को बताया था कि वह मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों की मदद से ही फेल अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षा में पास करवाता था जबकि जांच में ऐसा नहीं पाया गया है।

पुलिस ने पास हुए अभ्यर्थियों का दोबारा मेडिकल करवाया तो उत्तीर्ण हुए जबकि फेल अभ्यर्थी पास नहीं हो सके। इस आधार माना गया है कि भ्रष्टाचार में कोई डॉक्टर शामिल नहीं है।

विदित हो कि 08 सितंबर 2020 को सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 में पास कराने वाले गए गिरोह का खुलासा हुआ था। भर्ती बोर्ड के दारोगा की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में पीटीआई सिपाही बृजेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि फूलपुर के एक और अभ्यर्थी से पैसा लिया था। पैसा दिलवाने वाले झूंसी निवासी युवक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस भर्ती बोर्ड में जब शिकायत पहुंची तो अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई थी। सीओ कर्नलगंज सुधीर कुमार ने बताया कि अब तक की विवेचना में किसी डॉक्टर की संलिप्तता नहीं पाई गई है। सिपाही ने केवल दो अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षा में पास कराने के लिए पैसा लिया था।

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