माघ मेला पर कोरोना इफेक्ट: क्षेत्रफल के साथ अब बजट में भी कटौती

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना काल में प्रयागराज की जमीन पर लगने वाले माघ मेले में कटौती होना अब तय हो गया है। प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार ने मंडलायुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में अफसरों के साथ बैठक ली। बैठक में माघ मेले को कैसे कराया जाएगा इस पर प्रशासन की ओर से तैयार की गई रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इतना तय हो गया कि मेले का क्षेत्रफल कम किया जाएगा। अफसरों ने इस बार केवल साधु संतों और प्रयागवाल को जमीन व सुविधा देने की बात पर सहमति दी है। इसके अलावा किसी भी संस्था को फिलहाल जमीन नहीं दी जाएगी। किसी को मेला क्षेत्र में ठहराया नहीं जाएगा। मेले में केवल साधु संतों को ही जमीन दी जाएगी। गत वर्ष मेला 78 करोड़ रुपये में कराया गया था। इस बार इससे कम का बजट होगा। बजट का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार महज दो ही पांटून पुल बनाने का प्रस्ताव दिया। जिससे सामान मेला क्षेत्र में जा सके और बाहर आ सके। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने चार या कम से कम तीन पांटून पुलों को जरूरी बताया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इससे भीड़ रोक पाना संभव नहीं होगा। जो कोरोना काल में जरूरी उद्देश्य है। इस बात का भौतिक निरीक्षण करने के लिए अधिकारी शास्त्री ब्रिज पर गए। जहां से मेला क्षेत्र की वास्तविक स्थिति दिखाई गई। डीएम का तर्क था कि झूंसी की ओर पुल बन गया तो लोग वहां पर ठहरेंगे, इससे एक हजार लोगों की अतिरिक्त भीड़ रहेगी। जो संक्रमण काल में उपयुक्त नहीं होगा। बैठक में मंडलायुक्त आर रमेश कुमार, आईजी केपी सिंह ने भी सुझाव दिए।



