जीजा के जगह साले को मार डाला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कबाड़ की दुकान में सोने वाले जीजा मो. हसनैन उर्फ हुसैन को मारना था, मगर युवकों ने उसके साले सलीम उर्फ राजू का कत्ल कर दिया। हत्याकाड की तफ्तीश में जुटी थरवई पुलिस को यही जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि हुसैन के सामने ही गुलाम की भी कबाड़ की दुकान है। कारोबार को लेकर उनके बीच कई बार झगड़ा हो चुका था, लेकिन एक भी दफा पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।
हुसैन ने करीब 10 दिन पहले अपने साले राजू को गांव बुलाया था। राजू रविवार को ही अपनी बहन को लेकर कौंधियारा जाने वाला था, लेकिन हुसैन ने यह कहते हुए रोक लिया कि खेत में पानी लगाना है। दुकान पर काम करने वाला एक निहाल भी रिश्तेदारी में शादी के कारण तीन दिन पहले चला गया था। इसके चलते राजू अकेले ही दुकान पर सो रहा था। तभी धारदार हथियार से हमला करके उसकी हत्या कर दी गई।
एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपित को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इंस्पेक्टर थरवई राकेश चौरसिया ने बताया कि हुसैन की तहरीर पर गुलाम के खिलाफ मुकदमा लिखकर उसे पकड़ लिया गया है। हालांकि, हत्या में प्रयुक्त कोई उपकरण अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। कत्ल में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, जिसके बारे में पता लगाया जा रहा है।
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अभियुक्त को पहुंचाया अस्पताल
हत्या के आरोप में पकड़े गए गुलाम को हृदय रोग है। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो तबियत बिगड़ गई। इस पर उसने तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया। गुलाम का बयान विरोधाभासी है, जिसके आधार पर पुलिस उसकी भूमिका मान रही है। राजू दो भाइयों में बड़ा था। वह अपने छोटे भाई चाद बाबू के साथ मुंबई में रहकर काम करता था। कोरोना के कारण वह अपने गांव चला आया था। शौहर की मौत पर गर्भवती बीवी माजिदा बिलखती रही। पिता इदरीश के आखों से भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था।


