आबकारी महकमे को लगी 35 करोड़ की चपत
कोरोना काल में नहीं खुली दुकानें, खपत में कमी
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रतापगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण आबकारी महकमे को करोड़ों रुपये की चोट पहुंची है। करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। ठंड में बीयर की खपत कम होने से इस आंकड़े के और बढने की संभावना है। जिले में देशी शराब की 237 दुकान, अंग्रेजी शराब 81 की दुकान और बीयर की 67 दुकान है। पिछले वित्तीय वर्ष यानि अप्रैल 2019 से 24 मार्च 2020 तक 30 लाख 24 हजार 628 लीटर देशी शराब, 19 लाख 70 हजार 934 बोतल अंग्रेजी शराब और 36 लाख 85 हजार 764 केन बीयर बिकी थी। इसी आधार पर वित्तीय वर्ष 2020-21 का लक्ष्य 266 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था।
वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले कोरोना संक्रमण के कारण 24 मार्च 2020 को रात 12 बजे से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। इससे 25 मार्च से शराब व बीयर की दुकानें बंद हो गई थी। पूरे अप्रैल दुकानें बंद थी। मई के प्रथम सप्ताह में शराब की दुकानों को खोलने की छूट दी गई। उस दौरान प्रदेश के महानगरों में शराब की खरीदारी के लिए दुकानों पर लंबी-लंबी लाइन देखी गई थी। हालांकि यहां ऐसा कोई दृश्य नहीं था क्योंकि लॉकडाउन के दौरान भी लोगों को अवैध शराब के कारोबारियों से महंगे दाम में शराब मिलती रही।
इनसेट….
पूरे अप्रैल माह बंद रही दुकानें
प्रयागराज। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पिछले साल मई में जहां दो लाख 76 हजार 228 लीटर देशी शराब, एक लाख 97 हजार 412 बोतल अंग्रेजी शराब और छह लाख 10 हजार 261 केन बीयर बिकी थी, वहीं इस साल मई में दो लाख 42 हजार 59 लीटर देशी शराब, एक लाख 13 हजार 81 बोतल अंग्रेजी शराब, दो लाख 15 हजार 774 केन बीयर ही बिकी। यानि एक तो पूरे अप्रैल में दुकानें बंद थी और दूसरे मई में भी निर्धारित लक्ष्य नहीं पूरा हुआ। बीयर की खपत गर्मी में अधिक होती है, पूरे अप्रैल बीयर नहीं बिकी और बाद में कोरोना के डर से लोग बीयर पीने से परहेज करने लगे। ऐसे में सबसे अधिक बीयर का कोटा पूरा नहीं होगा। अनुमान है कि लॉकडाउन में आबकारी विभाग को करीब 35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा और बढने की संभावना है। जिला आबकारी अधिकारी राजेश सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में दुकानें बंद होने से करीब 35 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। ऐसे में इस साल निर्धारित लक्ष्य पूरा होना मुमकिन नहीं दिख रहा है।


