टीजीटी-पीजीटी के 15,508 पदों पर शुरु हुई भर्ती निरस्त
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ऑनलाइन बैठक में निर्णय
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) के 15,508 पदों पर 29 अक्टूबर को शुरू हुई शिक्षक भर्ती निरस्त कर दी गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की बुधवार को हुई ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया कि भर्ती की विधिक अड़चनों को दूर करते हुए यथाशीघ्र नया विज्ञापन जारी किया जाएगा जिससे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो।
संजय सिंह के मामले में 28 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते महाधिवक्ता ने 13 नवंबर को अपनी विधिक राय दी थी कि एक ही संवर्ग की एक ही लिखित परीक्षा में तदर्थ शिक्षक एवं फ्रेश अभ्यर्थियों के लिए अंक देने के दो भिन्न-भिन्न मापदंड नहीं अपनाए जा सकते। इस लिहाज से चयन बोर्ड की ओर से 29 अक्टूबर को जारी विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है। यदि इस विज्ञापन के अनुसार चयन किया जाता है तो वह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना होगी।
लिहाजा चयन के लिए दो भिन्न पद्धति से अंक प्रविधानित करते हुए जारी विज्ञापन निरस्त किए जाने योग्य है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरश: अनुपालन करते हुए नया विज्ञापन जारी करने की आवश्यकता है। विधिक राय पर गहनता से विचार-विमर्श के बाद प्रतियोगियों के हितों में तथा टीजीटी जीव विज्ञान विषय को विज्ञापन में सम्मिलित करने सम्बन्धी प्रत्यावेदनों के निस्तारण के लिए 29 अक्टूबर को जारी विज्ञापन निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
अब तक ऑनलाइन आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नए विज्ञापन में दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उसके लिए सॉफ्टवेयर में प्रविधान करने के लिए एनआईसी से अनुरोध किया जाएगा। अध्यक्ष वीरेश कुमार की अध्यक्षता में गूगल हैंगआउट एप के माध्यम से हुई बैठक में सदस्य डॉ. धीरेन्द्र द्विवेदी, डॉ. हरेन्द्र कुमार राय, डॉ. दिनेशमणि त्रिपाठी, डॉ. ओम प्रकाश राय व उपसचिव नवल किशोर मौजूद रहे। गौरतलब है कि पिछले तकरीबन तीन सप्ताह में हजारों अभ्यर्थी कर चुके हैं।
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तदर्थ शिक्षकों को सही से मिलेगा वेटेज अंक
प्रयागराज। टीजीटी का प्रतियोगी 100 प्रश्न सही करता है तो उसे 400 अंक और तदर्थ शिक्षक इतने ही सवाल सही करने पर 372 अंक पाता। इससे उसे वेटेज अंकों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। विधि विभाग ने भी इस मूल्यांकन प्रणाली को शीर्ष कोर्ट की अवमानना करार दिया। ऐसे में अब दोनों का समान मूल्यांकन करने की तैयारी है। संशोधित विज्ञापन में इसका प्रमुखता से उल्लेख रहेगा। चयन बोर्ड ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी में जीवविज्ञान विषय को शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे भर्ती के कुल पदों की संख्या भी बढ़ सकती है।




