आत्मनिर्भरता एवं कौशल विकास की ओर भारत पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन

आर्य कन्या पी0जी0 कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आर्य कन्या पी0जी0 कॉलेज में आयोजित आत्मनिर्भरता एवं कौशल विकास की ओर
भारत : एक समाजशास्त्रीय परिचर्चा दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन के प्रथम
दिवस के दिन डॉ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, मुख्य अतिथि, सम्मानित कैबिनेट मिनिस्टर, कौशल विकास एवं उद्यमिता मिनिस्टर द्वारा 2014 से ही एक सक्षम देश कैसे हो उसकी नींव डाली। गयी, उन्होंने भारत को विश्व का कौशल केन्द्र बनाने की बात कही, सीखो और कमाओ पद्धति पर हम बढ़ने का काम कर रहे है। प्रो० संगीता श्रीवास्वत, मुख्य संरक्षक, सम्मानीया कुलपति, केन्द्रीय इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने आत्मनिर्भर राष्ट्र विश्व में एक नयी पहचान बना सकता है विद्यार्थियों को लर्निंग बाइ दूविंग सिखाना होगा और समाज कार्यो से जोड़ना होगा। देश की हस्तकला को सुरक्षित रखना पड़ेगा, चाइना जैसे देश उसपर नुकसान पहुंचाता रहेगा। भारत इस समय सबसे युवा देश है क्योंकि सबसे ज्यादा युवा यहींनिवास करते है। हमारी प्रचलित शिक्षा व्यवस्था हमारे कौशल विकास कार्यक्रम को पूर्णतः प्रदान नहीं कर रही थी इसीलिए माननीय प्रधानमन्त्री जी ने नई शिक्षा नीति का प्रारम्भ करके कौशल विकास को इसका महत्वपूर्ण अंग बना दिया। प्रो0 श्री प्रकाश मणि त्रिपाठीइन्दिरा गाधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक में वीसी के पद पर कार्यरत है। आत्मनिर्भर भारत गांव से शहर तक सैन्यबल, बुद्धिबल, सांस्कृतिकबल से परिपूर्ण है हमारी सांस्कृतिक एवं ज्ञान की विरासत को विश्व ने माना है। प्रो० आर०पी० तिवारी, वीसी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, भटिन्टा, पंजाब ने बच्चों को सैद्धान्तिक शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक शिक्षा भी देनी चाहिए। कक्षा 12 तक आते-आते हमारा युवा किसी न किसी विधा में पारंगत हो जायेगा। प्रो0 आशीष सक्सेना, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने समग्र रूप से कौशल विकास पर प्रकाश डालते हुए कहाकि हमारे युवा, हमारी स्त्रियां एवं हमारे बुजुर्ग जो बेरोजगार है. हमें प्रयत्न करके उन सबको किसी न किसी रोजगार से जोड़ना चाहिए। महाविद्यालय, शासी निकाय के अध्यक्ष, श्री पंकज जायसवाल जी ने मन्त्री जी का
स्वागत करते हुए कहा कि आपका परिचय कराना सूरज को दिया दिखाने जैसा है, देश के प्रधानमन्त्री राष्ट्र को विकास की दिशा की तरफ ले जाने में मन्त्री का पूरा सहयोग करते
है। प्राचार्या, डॉ० रमा सिंह जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि हमारी भारत सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रम को नयी शिक्षा नीति का एक अंग बना दिया है जिससे हम निश्चित रूप से इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते है। कार्यक्रम का संचालन डॉ० सव्य सांची ने किया तथा डॉस्मिता ने आत्मनिर्भरता में नागरिको के प्रतिभागियों को व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण सहभागिता की। टॉ०ममता गुप्ता, डॉ0 रेनू जैन, डॉ0 मधुरिमा वर्मा, डॉ0 कल्पना शर्मा, डॉ0 अन्जू श्रीवास्तव, डॉ0 ज्योति रानी जायसवाल, डॉ0 रंजना त्रिपाठी, टॉ0 नाजनीन फारूकी, डॉ० श्यामकान्त, श्रीमती शिखा जायसवाल आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


