पेशवाई परंपरागत मार्ग से ही निकलेंगी, जिला प्रशासन, कुंभ मेला प्रशासन और विभिन्न अखाड़ों के बीच अंतिम दौर की बातचीत हुई खत्म।

( अनुराग शुक्ला )हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की छावनी में संतों और पुलिस प्रशासन अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में यह तय हुआ है कि जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई पांडेवाला ज्वालापुर से निकलेगी, जबकि निरंजनी अखाड़े की पेशवाई एसएमजेएन कॉलेज मध्य हरिद्वार से निकलेगी। आवाह्न अखाड़े की पेशवाई श्यामपुर से निकलेगी, जबकि अटल अखाड़े की पेशवाई संन्यास मार्ग कनखल से निकलेगी।
सभी तीनों बैरागी अणियों और बैरागी अखाड़ों की पेशवाई बैरागी कैंप से निकाली जाएंगी। पहले हरिद्वार में हुए विभिन्न विकास कार्यों के चलते बने फ्लाईओवर और ओवरब्रिज तथा अंडरपास के कारण पेशवाई मार्ग को लेकर कई तरह की अड़चन पैदा हो गई थी, जिसके कारण पेशवाई मार्ग को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। अखाड़ों में इसे लेकर असंतोष व्याप्त था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि पेशवाई को लेकर अधिकांश अड़चनें दूर हो गई हैं। जो बची हैं, वह भी दूर होती जा रही हैं। कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि पेशवाई मार्ग को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। तीन मार्च को निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के साथ कुंभ पेशवाई निकलने का क्रम शुरू हो जाएगा। चार मार्च को जूना व अग्नि, पांच मार्च को आवाह्न अखाड़े की पेशवाई निकलेगी, जबकि नौ मार्च को अटल अखाड़े की पेशवाई निकलेगी।




