पिपरी थाने की पुलिस ने सर्जन डाॅक्टर अंकित गुप्ता के खिलाफ मानव वध का मुकदमा किया

यूनाइटेड ग्रुप के वाइस चेयरमैन ने दावा किया कि खुशी की स्टिचिंग की गई थी संभवत जब दूसरी जगह उसे दिखाया गया तो स्टिचिंग खुल गई।
( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) ने शहर के करेली निवासी खुशी (03) पुत्री मुकेश मिश्रा की मौत मामले को संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कौशांबी के पिपरी थाने की पुलिस ने शनिवार दोपहर सर्जन डाॅक्टर अंकित गुप्ता के खिलाफ मानव वध का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रयागराज में करेली इलाके के करेहदा गांव निवासी मुकेश मिश्रा मजदूरी करते हैं। 15 फरवरी को उनकी बेटी खुशी को पेट में दर्द की शिकायत हुई। मुकेश ने बेटी को यूनाइटेड मेडिसिटी अस्पताल रावतपुर में भर्ती कराया । डाक्टरों ने दवा से पेट का दर्द ठीक होने की बात कही। करीब 10 दिन बीतने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो आंत में इंफेक्शन बताते हुए डाॅक्टरों ने आपरेशन किया। आरोप है कि सप्ताह भर बीतने तक ड्रेसिंग नहीं की गई जिससे पस आ गया। फिर उसी स्थान पर दूसरा आपरेशन किया गया। सर्जन अंकित गुप्ता ने टांका बिना लगाए ही छोड़ दिया। मासूम की हालत में सुधार नहीं हुआ तो तीन मार्च को किसी दूसरी जगह इलाज कराने की बात कहते हुए उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
घरवालों का कहना है कि इलाज के लिए उन्होंने खेत तक बेच दिया है। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को ही अपर जिलाधिकारी नगर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी की दो सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि खुशी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। इस बीच यूनाइटेड ग्रुप के वाइस चेयरमैन सत्यपाल गुलाटी ने दावा किया है कि खुशी की स्टिचिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि संभवत जब दूसरी जगह उसे दिखाया गया तो स्टिचिंग खुल गई। इधर चिल्ड्रेन अस्पताल में भी खुशी के इलाज की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि घर वाले उसे यहां से बिना बताए लेकर चले गए थे।



