Latest

क़ुरान मजीद एक एक आयत पैग़म्बरे इसलाम पर वही बन कर आई- मौलाना वसी हसन खाँ

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आज फैज़ाबाद अयोद्धया के प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना वसी हसन खाँ ने क़ुरआन की आयतों का हवाला देते हुए कहा की आलमे इन्सानियत को सही राह दिखाने के लिए पाक किताब क़ुरआन मजीद की एक एक आयत पैग़म्बरे इसलाम पर वही की शक्ल में नाज़िल हुई।वह इमामबाड़ा नक़ी बेग रानी मण्डी में उ०प्र०रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मंज़र कर्रार की माँ स्व अफसर जहाँ बेगम की बरसी की मजलिस को सम्बोधित कर रहे थे।कहा गन्दगी और ग़लाज़त के नुतफे से पैदा होने वाला इन्सान ही क़ुरान जैसी पाक किताब के हुरुफ पर उँगली उठा सकता है।करबला मे इमाम हुसैन और उनके जाँनिसारों ने क़ुरआन मजीद,नमाज़ की हुरमत और रसूल की उम्मत की खातिर अपने खानवादे को राहे हक़ मे क़ुरबान कर दिया लेकिन यज़ीद जैसे आतंकी और बद किरदार के हाँथों बैयत नहीं गवारा की।मजलिस की शुरुआत भी कलाम ए पाक की तिलावत से हुई।ज़ैग़म अब्बास ने ग़मगीन मर्सिया पढ़ा।शायर नायाब बलयावी ने पेशख्वानी के द्वारा इमाम हुसैन की क़ुरबानी का ज़िक्र किया।स्व अफसर जहाँ की मग़फिरत के साथ तमाम लोगों के लिए हिफ्ज़ो अमान की दूआ भी की गई।मरहुमा के इसाले सवाब को फातेहाख्वानी भी कराई गई।इस मौक़े पर मंज़र कर्रार,बाक़र कर्रार,सिब्ते हसन रिज़वी,इब्ने हसन रिज़वी,वक़ार हुसैन,गौहर काज़मी,मिर्ज़ा काज़िम अली,मौलाना रज़ा अब्बास ज़ैदी,आग़ा मो०क़ैसर सै०मो०अस्करी,शबीह अब्बास जाफरी,अस्करी अब्बास आदि शामिल रहे।

Related Articles

Back to top button