विश्व हिन्दू परिषद ऋषिकेश के कार्यकर्ताओं द्वारा निर्मित पञ्चाङ्ग का विमोचन संतो द्वारा किया गया

हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार )। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल के द्वितीय उपवेशन में अध्यक्ष के रूप में सम्मिलित हुए।एकजुटता -संघर्ष ,आत्मानुशासन और संगठन के बल पर आज हम भगवान रामलला का दिव्य मंदिर निर्माण के स्वप्न को साकार कर पाएं हैं। यदि समवेत स्वर में फिर से प्रयत्न किया जाए और न्यायपालिका के माध्यम से यह बात रखी जाए कि हिन्दू मंदिरों का पैसा अन्य किसी मद में अथवा अन्य किसी के लिए खर्च न हो तो इसके भी बड़े परिणाम आएंगे !! संत भगवान है, आपमें देव सत्ता का निरंतर वास है और विश्व हिन्दू जैसा विशिष्ट संगठन हमारे साथ है,इसलिए हमें एकजुट होकर राष्ट्रहित के लिए आगे आना चाहिए। पतित पावनी माँ गंगा के तट पर विश्व हिंदू परिषद के द्वितीय उपवेशन में पूज्य आचार्यश्री जी जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने अध्यक्ष के रूप में सम्मिलित होकर अपना आशीष उद्बोधन प्रदान किया ! तदनन्तर पूज्य आचार्य श्री जी ने
मान्यवर जुगलकिशोर जी द्वारा माँ जानकी पर लिखी गई पुस्तक एवं विश्व हिन्दू परिषद ऋषिकेश के कार्यकर्ताओं द्वारा निर्मित पञ्चाङ्ग का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में आचार्य महामंडलेश्वर निर्वाणी पीठ पूज्य स्वामी विशोकानंद जी महाराज,विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष माननीय आलोक कुमार जी, विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्री चम्पतराय जी ,माननीय दिनेश जी ,माननीय अशोक जी समवेत देश के शीर्षस्थ संत, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।



