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निभाई सहभागिता और किसी ने दुकान नहीं खोली

(अनुराग शुक्ला) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रयागराज में शनिवार सुबह से ही शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अजीब सा सन्नाटा था। दुकानें बंद थीं और दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। सिर्फ सुनाई पड़ रही थी तो चौराहों पर लगे लाउडस्पीकर से अफसरों की आवाज, जो कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों को जागरुकता का पाठ पढ़ा रहे थे।

सभी ने कोरोना को पराजित करने के लिए एकजुटता दिखाई।

सड़कें गलियां मार्केट रही सुनी नजर नहीं आया कोई व्यक्ति।

यह सब शहर के अलग-अलग इलाकों में मिला। दोपहर को रामभवन चौराहा पर सन्नाटा था। यह वही चौराहा है, जो कई इलाकों को जोड़ता है। सभी दुकानें बंद थीं। सड़क पर कोई नजर नहीं आ रहा था। चंद कदम की दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप भी सूना पड़ा था। कोठापारचा में भी यही आलम था। एक भी दुकान नहीं खुली थी। दुकानों के ऊपर बने मकान पर एक-दो लोग बारजे पर खड़े नजर आए। लेकिन वह भी चंद मिनट में भीतर चले गए। वही हाल मुटठीगंज इलाका का था। यहां थोक और फुटकर की सभी दुकानों में ताला लटक रहा था। चौराहे पर पुलिसकर्मी तैनात थे। यहां की गलियों में भी दुकानें बंद थीं। दो-तीन लोग गली में खड़े थे। इनसे जब पूछा गया कि कोई जनरल स्टोर की दुकान खुली है तो बोले कि कोरोना कफ्र्यू के कारण सब बंद है। गली में एक-दो ने दुकान खोलने की कोशिश की थी, लेकिन हम लोगों ने बंद करा दी। बहादुरगंज चौराहा पर भी सुना पड़ा हुआ था । यहां भी दुकानों में सिर्फ ताले ही ताले लटकते नजर आए। दूर-दूर तक कोई भी व्यक्ति सड़क पर नजर नहीं आ रहा था। इसी प्रकार अल्लापुर, बक्शी बांध, कटरा, बेली रोड, प्रीतम नगर, सुलेमसराय, करेली, कसारी-मसारी, खुल्दाबाद, तेलियरगंज, अलोपीबाग, दारागंज, बैरहना, कीडगंज, गऊघाट, नूरुल्ला रोड, चकिया, जानसेनगंज, चौक, लीडर रोड समेत अन्य इलाकों में भी यही स्थिति रही। ये सभी शहर के ऐसे स्थान हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ जुटती है। ग्रामीण इलाकों से लोग खरीददारी को आते हैं, लेकिन कोरोना कफ्र्यू के कारण यहां बंदी थी। हमेशा चोरी-छिपे दुकान खोलने वालों ने भी इसमें अपने सहभागिता निभाई और किसी ने दुकान नहीं खोली। सभी ने कोरोना को पराजित करने के लिए एकजुटता दिखाई।

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