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एसआरएन में एडमिट कोरोना मरीजों की अब होगी और क्लोज माॅनिटरिंगः नन्दी

स्वरूपरानी नेहरू हाॅस्पीटल को सौंपे गए आईसीयू के लिए 100 माॅनीटर

मंत्री नन्दी ने एसआरएन हाॅस्पीटल का किया निरीक्षण

अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ बैठक कर जानी व्यवस्थाएं

मंत्री नन्दी ने एसआरएन में एक और ऑक्सीजन टैंकर लगाए जाने के दिए निर्देश

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज के आईसीयू में भर्ती कोरोना मरीजों का और बेहतर ईलाज हो सके, मरीजों की क्लोज माॅनिटरिंग हो सके इसके लिए प्रदेश सरकार ने अस्पताल प्रशासन को आईसीयू के लिए 100 और माॅनिटर दिए हैं। जिसे उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री व प्रयागराज शहर दक्षिणी विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने अस्पताल प्रशासन को सौंपा। इस दौरान एसआरएन हाॅस्पीटल के प्रिंसिपल डा. एसपी सिंह और जिलाधिकारी प्रयागराज भानुचंद्र गोस्वामी मौजूद रहे। मंत्री नन्दी ने निरीक्षण करते हुए चिकित्सकों एवं अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं के बारे में जाना। वहीं कठिन परिस्थितियों में भी लगातार लोगों की सेवा कर रहे चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री नन्दी ने कहा कि आईसीयू में एडमिट मरीजों के क्लोज माॅनिटरिंग की जरूरत पड़ती है, जिसमें यह कम्प्यूटराइज्ड माॅनिटर काफी मददगार साबित होगा। एसआरएन मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डा. एसपी सिंह ने बताया कि माॅनिटर के जरिये आईसीयू में एडमिट पेशेंट का एसपीओ-2 ऑक्सीजन सेचुरेशन क्या है, यह पता चलता रहेगा। उसी के अनुसार डाॅक्टर ऑक्सीजन का फ्लो देख सकेंगे। ऑक्सीजन लगने पर बाइपैप में है, या वेंटीलेटर पर है पूरे पैरामीटर के वाइटल माॅनीटर पर दिखते रहते हैं। पल्स रेट, ब्लड प्रेषर और ईसीजी भी डिस्प्ले करता रहता है, जिससे माॅनीटरिंग में दिक्कत नहीं होगी।
माॅनीटर पर ऑक्सीजन सेचुरेशन भी शो करता है, जिससे पता चलता रहता है कि पेशेंटके बाॅडी के वाइटल क्या हैं। माॅनिटर पर सब कुछ दिखता रहता है, जो डाॅक्टर के ड्यूटी रूम से कनेक्ट रहता है। डाॅक्टर ड्यूटी रूम से भी माॅनिटर के जरिये पेशेंट के वाइटल पर नजर रख सकते हैं। सेचुरेशन फाल कम होने पर माॅनीटर में बीप बजने लगेगा।
मंत्री नन्दी ने कहा कि अब आईसीयू के मरीजों की माॅनिटरिंग और अच्छे से हो जाएगी। डाॅक्टर के क्लोज ऑब्जर्वेशन में ईलाज हो सकेगा मरीजों का। 140 माॅनीटर पहले से थे, 100 और बढ़ाए गए हैं। ऑक्सीजन की व्यवस्थाओं और आपूर्ति के बारे में मंत्री नन्दी ने प्रिंसिपल डा. एसपी सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया कि एसआरएन में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए दो लिक्विड टैंक लगे हुए हैं, जिसकी क्षमता 40,000 लीटर है। पर-डे करीब 20 से 22 हजार लीटर ऑक्सीजन की पर-डे खपत है। टैंक में लिक्विड की सप्लाई जमशेदपुर से होती है। दो टैंकर पर-डे आते हैं। जिसकी वजह से एसआरएन में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था लगतार बनी हुई है। ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं आई है अभी तक। मंत्री नन्दी ने आक्सीजन आपूर्ति के लिए कैपेसिटी बढ़ाए जाने व एक टैंकर और लगाए जाने का निर्देश दिया।

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