बाराबंकी मे मस्जिद शहीद किए जाने पर एमिम द्वारा सख्त नाराजगी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। बाराबंकी जिले में तहसील रामसनेहीघाट परिसर में सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीन पर स्थित मस्जिद गरीब नवाज लगभग 100 वर्ष पूर्व अंग्रेज सरकार के समय से ही आबाद थी तथा मस्जिद में निर्माण के समय से ही हमेशा नमाज पढ़ी जाती रही विगत माह मार्च 2021 में उप जिलाधिकारी महोदय रामसनेहीघाट ने आधार्मिकता दिखाते हुए बगैर किसी विवाद के अपने मानसिक विद्वेष के कारण उक्त मस्जिद में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी तथा गांव के सैकड़ों लोगों पर फर्जी मुकदमा कायम करा दिया मस्जिद गरीब नवाज कमेटी ने उक्त प्रकरण के बाबत माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने अपने प्रक्रिया आदेश में 31 5 2021 तक किसी भी तरह के अवैध अथवा न्यायालय में विचाराधीन मामले से संबंधित निर्माण हटाए जाने पर रोक लगा दी है न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद उप जिलाधिकारी आदेश की अवमानना करते हुए स्थानीय पुलिस के साथ अल्पसंख्यकों को डराते धमकाते हुए उच्च गरीब नवाज मस्जिद को शहीद करवा दिया गया जिसकी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन कठोर शब्दों में निंदा करती है जिला अध्यक्ष बाराबंकी श्री मोहम्मद खतीब अली आज जिला अधिकारी बाराबंकी को महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से एक ज्ञापन सौंपा पार्टी प्रवक्ता अफ़सर महमूद व युवा महानगर अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद मंदर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए मस्जिद शहीद किए जाने पर कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से मांग किया है कि वह उप जिला अधिकारी बाराबंकी पर दो समुदाय मे विद्वेष फैलाकर हिंदू मुस्लिम दंगा कराने के बिना पर इनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए और मस्जिद गरीब नवाज बाराबंकी को दोबारा उसी जगह पर पुनः निर्माण कराया जाए। जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश और प्रदेश में बनी है निरंतर अल्पसंख्यक एवं अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है जोकि बहुत दुख की बात है।



