इविवि: वैकल्पिक विषय के तौर पर छात्र ले सकेंगे एनसीसी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति में एनसीसी को प्रोत्साहन देने के लिए यूजीसी और एआईसीटीई ने अब विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय के रूप में एनसीसी चुनने की मंजूरी दे दी है।
इसी कड़ी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में छात्रों को एनसीसी विषय चुनने का विकल्प मिलेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी स्नातक में छात्रों को एनसीसी वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति वर्ष 2023 से प्रभावी होगी।
इविश्वविद्यालय वर्ष 2023 के पाठ्यक्रम में एनसीसी को एक वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। जो छात्र एनसीसी कैडेट के रूप में दाखिला लेंगे वह एनसीसी प्रशिक्षण के लिए क्रेडिट बी और सी प्रमाण पत्र के अलावा शैक्षणिक क्रेडिट प्राप्त करेंगे। ऐसे छात्र-छात्राएं विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं की रोजगार सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. जया कपूर ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत इविवि के पाठ्यक्रम के प्रारूप में आने वाले बदलाव में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए एनसीसी भी एक ऐच्छिक विषय के रूप में समायोजित करने का प्रस्ताव है। इसे वर्ष 2023 में लागू किया जाएगा।




